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Maharajganj News: किस्त लेने मायके पहुंच गया एजेंट महिला ने खुदकुशी की कोशिश की

Thu, 03 Apr 2025 01:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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महराजगंज। माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के कर्ज तले महिलाएं इस कदर दबी हैं कि उन्हें कुछ समझ में नहीं आ रहा है। ब्याज अधिक होने के कारण समय से किस्त नहीं जमा कर पा रही हैं। पनियरा ब्लॉक के रतपुरवा गांव की एक महिला जब किस्त नहीं जमा कर पाई तो एजेंट की धमकी से तंग आकर मायके चली गई। किस्त लेने एजेंट उसके मायके पहुंच गया। यह देख महिला आत्महत्या की कोशिश करने लगी। मायके वालों ने किसी तरह रोक लिया। मामला गर्म देख एजेंट रफूचक्कर हो गया था। पनियरा ब्लाॅक के रतपुरवा गांव की रहने वाली रिंकू माइक्रो फाइनेंस कंपनी के वसूली एजेंटों की प्रताड़ना से त्रस्त हैं। करीब 20 दिन पहले का मामला है। उन्होंने बताया कि एक समूह की सदस्य है।
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एक ही आधार कार्ड पर 10 बार में 40-40 हजार करके, चार लाख रुपये कर्ज ली है। शुरुआत में किस्त जमा करती रही। दो माह से वसूली करने वाले एजेंट रोजाना घर आकर धमकी देते थे। इनने आजिज आकर रिंकू अपने मायके बैदा चली गई।
यह मामला 20 दिन पहले का है। यहां भी वसूली एजेंट आकर अपमानित करने लगा तो रिंकू देवी एजेंट के सामने ही आत्महत्या की कोशिश करने लगी। यह देखकर एजेंट वहां से फरार हो गया। उनके मायके वालों ने समझा बुझाकर शांत करा दिया। रिंकू देवी अपने ससुराल चलीं आईं। इन दिनों वसूली एजेंट नहीं आ रहे हैं। रिंकू देवी ने बताया कि एजेंट छह माह पूर्व धमकी दिया कि किश्त का भुगतान कीजिए नहीं तो घर का समान उठा ले जाएंगे। कान की बाली, पायल, झुमका आदि बेचकर किस्त जमा की थी।
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इससे अलग अनंतपुर गांव की इंदू देवी की कहानी है। वह तो एजेंटों की प्रताड़ना से तंग आकर मायके मंझनुपर चलीं गई हैं। एजेंट प्रत्येक दिन घर आकर खरीखोटी सुनाते थे। उन्होंने बताया कि चार किस्त में 40 हजार रुपये कर्ज ली है। उन्होंने बताया कि तबीयत खराब हो गई। इसमें मिली रकम खर्च हो गई। किस्त जमा करने के लिए परेशानी होने लगी। किस्त देर होने पर एक दिन एजेंट घर आया तो आसपास के लोगों से कर्ज की बात कहकर सामाजिक रूप से प्रतिष्ठा धूमिल करने की कोशिश की। इससे भी मन नहीं भरा तो घर में रखी बाइक ले जाने की धमकी दी। इस वजह से परेशान होकर मायके में हूं।
अनंतपुर गांव की सीमा 40 हजार रुपये कर्ज लेकर किस्त जमा नहीं कर पा रहीं हैं। एजेंट घर आकर जब किस्त जमा करने की मांग करते हैं तो, अपशब्द बोलते हैं। एक बार एजेंट से नोकझोंक हो गई थी तो गांव में पंचायत में मामला सुलझा। धीरे-धीरे किस्त जमा करने की बात पर सहमति बनी थी। सीमा ने बताया कि ब्याज अधिक होने के कारण परेशानी हो रही है।
जरूरत होने पर रकम आसानी से मिल गई तो समस्या नहीं हुई। घर में आमदनी नहीं होने के कारण किस्त जमा होने में परेशानी हो रही है। रोज की नोकझोंक से तंग आकर लेहड़ा नर्सरी में रहती हैं। सीमा के मुताबिक एजेंटों का व्यवहार ठीक नहीं रहता है। अनुरोध करने में बात सुनते भी नहीं हैं। घर से सामान लेकर चले जाने की धमकी देते हैं।
अनंतपुर रहने वाली सोनी दो माह पहले माइक्रो फाइनेंस कंपनी से 40 हजार 4 किश्त में ली हैं। किस्त देने में देरी हुई तो वसूली एजेंट घर आकर गाली-गलौज करने लगा और घर में रखा सिलिंडर उठा ले गए। इधर, एजेंट घर पर रोज आकर बैठ जाता था।
इससे तंग होकर पति के साथ गोरखपुर चली गईं। उनके पति गोरखपुर में मजदूरी करते हैं। गांव के लोगों के मुताबिक माइक्रो फाइनेंस कंपनी के लोग कर्ज आसानी से देते हैं, इससे लोग फंस जाते हैं। वहीं जंगल बड़हरा चाैरी गांव की भी महिलाएं कर्ज से परेशान हैं।
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