26 जुलाई को दोपहर कस्बे के कोर्ट वार्ड में स्थित एक मैरिज हॉल में हुई थी ब्राह्मण सम्मान एवं आक्रोश बैठक
समय पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर की जाएगी कार्रवाई
निचलौल। कस्बे के एक मैरिज हॉल में बिना प्रशासनिक अनुमति के जातीय बैठक करने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सोशल मीडिया पर कार्यक्रम की जानकारी मिलने के बाद आयोजकों समेत करीब दो दर्जन लोगों को नोटिस जारी कर प्रशासन ने स्पष्टीकरण मांगा है। निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
प्रशासन की ओर से जारी नोटिस के अनुसार, 26 जुलाई को दोपहर एक बजे से साढ़े तीन बजे तक कस्बे कोर्ट वार्ड में स्थित एक मैरिज हॉल में ब्राह्मण सम्मान एवं आक्रोश बैठक आयोजित की गई थी। बैठक का प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया के माध्यम से किया गया था।
नोटिस में लिखा गया है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश, उत्तर प्रदेश शासन के शासनादेश संख्या-371 तथा डीजीपी उत्तर प्रदेश के परिपत्र संख्या-37/2025 के अनुसार किसी जाति विशेष से जुड़े सार्वजनिक आयोजनों और उनके प्रचार-प्रसार पर प्रतिबंध है। ऐसे में बिना अनुमति इस प्रकार का आयोजन नियमों का उल्लंघन माना गया है।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि संबंधित मैरिज हॉल केवल वैवाहिक एवं निजी पारिवारिक आयोजनों के लिए स्वीकृत है। सक्षम प्राधिकारी, यानी उपजिलाधिकारी की अनुमति के बिना परिसर का उपयोग राजनीतिक, जातीय अथवा धार्मिक बैठकों के लिए नहीं किया जा सकता है।
वर्जन
प्रशासन की अनुमति के बिना किसी तरह की सभा या बैठक आयोजित नहीं की जा सकती है। सोशल मीडिया से इसकी जानकारी होने पर आयोजक सहित दो दर्जन लोगों को नोटिस जारी किया गया है। निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
-रविन्द्र कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी निचलौल