महराजगंज। जिले में बदहाल विद्युत आपूर्ति व्यवस्था सुधारने के लिए विद्युत विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। इसके लिए एक करोड़ 30 लाख खर्च कर 33 हजार वोल्ट की लाइन बनाई जा रही है। इसे आनंदनगर बिजली घर से सब स्टेशन तक सीधे जोड़ा जा रहा है। इससे निर्बाध बिजली मिलेगी।
जानकारी के अनुसार, जिले की बदहाल विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार लाने और ट्रिपिंग जैसी समस्याओं से निजात दिलाने के उद्देश्य से विद्युत विभाग ने कमर कस ली है। गर्मी के इस मौसम में आम जनता को बिजली की समस्या से राहत देने के लिए एक नई 33 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन तैयार की जा रही है।
यह लाइन आनंदनगर द्वितीय बिजली घर से शुरू होकर समरधीरा, मुजुरी और पनियरा उपकेंद्रों से जुड़ जाएंगी। इससे चार उपकेंद्रों से जुड़े करीब 70 हजार आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में आनंदनगर द्वितीय बिजली घर से 33 हजार वोल्ट की एक मात्र लाइन के जरिए हरपुर और समरधीरा उपकेंद्रों को बिजली आपूर्ति की जाती है। इन दोनों उपकेंद्रों पर अत्यधिक लोड के कारण आए दिन ओवरलोडिंग, फाल्ट और ट्रिपिंग की समस्या उत्पन्न हो जाती है।
इसके चलते रोजाना घंटों की बिजली कटौती आम हो गई है। इससे आम उपभोक्ताओं, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी तरह मुजुरी सब स्टेशन को भी आनंदनगर द्वितीय बिजली घर से 33 हजार वोल्ट की लाइन के माध्यम से बिजली दी जाती है।
वहीं, पनियरा उपकेंद्र को गोरखपुर स्थित फर्टिलाइजर ग्रिड से बिजली मिलती है। जब-जब फर्टिलाइजर गोरखपुर की लाइन में फाल्ट आता है तो पनियरा उपकेंद्र से जुड़े करीब 45 गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो जाती है।
बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नई लाइन निर्माण से सभी उपकेंद्रों का लोड संतुलित रहेगा। अब तक एक ही लाइन पर अधिक निर्भरता के कारण फाल्ट की स्थिति में कोई विकल्प नहीं होता था, लेकिन अब वैकल्पिक लाइनें मौजूद होने से ऐसी स्थिति से निपटना आसान होगा। इससे ट्रिपिंग और फाल्ट की घटनाओं में भी कमी आएगी।
इसके अलावा समरधीरा और हरपुर उपकेंद्रों के लिए अलग-अलग बड़ी लाइनें होंगी। इससे इन क्षेत्रों में निर्बाध और बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। इससे न सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। बल्कि किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध होगी।
क्षेत्र के 65 गांवों में होती है बिजली आपूर्ति : हरपुर उपकेंद्र में दो पांच एमवीए के ट्रांसफॉर्मर लगे हैं, जिससे कुल 13,000 उपभोक्ताओं को बिजली मिल रही है। यहां से धनुआ डीह, पिपरा खिल्ली, सेमरा, फरेंदा सर्वजीत, ताल्ही, लेजार महदेवा, सिंहपुर, बरगदवा, हरैया, बरगदवा रामसहाय, हरमंदिर और भैया फरेंदा जैसे करीब 25 गांवों में आपूर्ति की जाती है।
वहीं समरधीरा उपकेंद्र में एक 5 एमवीए का ट्रांसफाॅर्मर स्थापित है और तीन फीडरों के माध्यम से पुरंदरपुर, करमहवा, समरधीरा सहित 35 गांवों की बिजली व्यवस्था है।
यहां करीब 10,500 उपभोक्ता पंजीकृत हैं। उधर, पनियरा क्षेत्र में स्थित विद्युत उपकेंद्र पर एक 10 एमवीए और एक 5 एमवीए क्षमता का ट्रांसफाॅर्मर है। यहां से छह फीडरों के माध्यम से हंसखोरी, महुआ शुक्ल, पनियरा टाउन, पनियरा देहात, गांगी बाजार आदि क्षेत्रों को बिजली की आपूर्ति की जाती है। कुल 22,803 उपभोक्ता इस उपकेंद्र से जुड़े हैं।