महेशपुर महेदिया वन चौकी के आसपास के गांवों में बदली दिनचर्या
लक्ष्मीपुर। कोल्हुई क्षेत्र में शुक्रवार को तेंदुए न दो चरवाहों को घायल कर दिया था। घटना को लेकर क्षेत्र की करीब 30,000 की आबादी दहशत में है। डर की वजह से लोग वन क्षेत्र के किनारे खेत तक भी नहीं जा रहे हैं। साथ ही मवेशियों की सुरक्षा के लिए रात भर निगरानी कर रहे हैं। तेंदुए के दोबारा हमला करने की आशंका को लेकर लोग डरे हुए हैं।
जंगल गुलहरिया रामप्रसाद और रामकेवल का कहना है कि शाम ढलते ही गांवों में सन्नाटा पसर जाता है। जो गलियां पहले बच्चों की किलकारियों और लोगों की आवाजाही से गुलजार रहती थीं, अब वहां खामोशी छाई रहती है। लोग सूर्यास्त से पहले ही अपने घरों में सिमटने लगे हैं। रात के समय बाहर निकलना तो दूर, कई परिवारों ने घर के दरवाजे भी जल्दी बंद करने शुरू कर दिए हैं। महेशपुर महेदिया के आसपास बसे जंगल गुलहरिया, हरमंदिर कला, बड़हरा विशम्भरपुर, टेढ़ी, कजरी सहित अनेक गांवों में तेंदुए का खौफ है।
रेंजर लक्ष्मीपुर वेदप्रकाश शर्मा ने बताया कि ग्रामीणों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं, सुबह और शाम विशेष सावधानी बरतें तथा बच्चों और मवेशियों पर खास ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि वन विभाग की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है।