घुघली। नगर पंचायत बनने के 38 वर्ष बाद भी कूड़ा निस्तारण का कोई ठोस इंतजाम अब तक नहीं हो सका। तीन वर्ष पूर्व नगरवासियों को कूड़े से निजात दिलाने के लिए एक योजना बनाई गई थी, लेकिन विभाग की उदासीनता और ठेकेदार की निष्क्रियता के चलते यह परवान नहीं चढ़ सकी।
पूर्व ईओ ने कूड़ा निस्तारण की योजना बनाई थी। इसके लिए बकायदा टेंडर भी हो चुका था। उनके स्थानांतरण के बाद यह योजना फाइलों में बंद हो गई। उनके स्थांतरण के बाद तत्कालीन सदर एसडीएम मो. जसीम ने कूड़े की समस्या को देखते हुए उसके निस्तारण के लिए कार्रवाई शुरू की। उनके जाने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
नगर पंचायत कार्यालय के अनुसार नगर पंचायत में 11 वार्ड हैं। इसमें नगर की आबादी 11000 की है। सबसे आबादी वाला वार्ड नंबर एक है। इसमें प्रति दिन साढ़े पांच टन कचरा होता है। जिसमें करीब 60 प्रतिशत सूखा, 30 प्रतिशत गीला, 5 प्रतिशत डाई वेस्ट, और 5 प्रतिशत सीसा सूई (खतरनाक) कचरा प्रतिदिन निकलता है। बताया जा रहा है कि इनमें भी करीब 70 प्रतिशत कचरा घरों से निकलते हैं। जबकी 30 प्रतिशत कचरा व्यवसायिक स्थानों से उठान किया जाता है। इन कचरों को छोटी गंठक नदी के बैकुंठी नदी पुल के पास ही गिराया जाता था। कुछ समाज सेवी लोगों ने आवाज उठाया तो अब नगर का कचरा सिसवा नगर पंचायत में बने डंपिंग ग्राउंड में गिराया जाता है। डंपिंग ग्राउंड की कुल लागत 95,67000 रुपया निर्धारित हुई थी। जिसमे 62000 हजार की चहारदीवारी बननी थी, वह भी पूरी नहीं हो सकी।