महराजगंज। महाकुंभ के दौरान मऊपाकड़ में हवा में अस्थायी बस स्टेशन बनाकर लाखों का वारा-न्यारा कर लिया गया। फाइलों में यात्री प्रयागराज का सफर भी कर रहे थे।
मजे की बात यह है कि यहां आसपास के लोगों को बस स्टेशन का पता भी नहीं चला। लोगों ने जब उच्चाधिकारियों से शिकायत की तो जिम्मेदारों में हड़कंप मच गया। टीम ने जांच कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
मंगलवार को मऊपाकड़ सक्सेना नगर में निचलौल रोड पर जाने के बाद असल तस्वीर सामने आई। यहां मिले कृष्णकांत ने बताया कि प्रयागराज महाकुंभ मेला 2025 में शासन की ओर से यात्रियों के जलपान एवं ठहरने की व्यवस्था के लिए बजट निर्धारित किया गया था। बजट के अनुसार धनराशि उपलब्ध कराया गया था।
महराजगंज को शासन ने 10 लाख का बजट दिया था उसमें यात्रियों के ठहरने, बैठने के लिए, जलपान कराने के लिए कहा गया था, लेकिन टेंट, न बैठने की व्यवस्था, न रैन बसेरा और न ही जलपान की व्यवस्था हुई। मऊपाकड़ प्राइवेट बस स्टैंड, निचलौल रोड पर ये सभी व्यवस्थाएं करने के दावे खोखले साबित हो गए।
इस खर्च के लिए शासन से 30 मार्च 2025 को 10 लाख की धनराशि ट्रेजरी ऑफिस में फर्जी बिल वाउचर पेशकर रकम भुगतान कराने का दावा है।
आसपास के लोगों को यहां पर अस्थाई बस स्टेशन बनने की जानकारी तक नहीं है। दावा किया जा रहा है कि महाकुंभ के दौरान सक्सेना नगर में अस्थाई बस स्टेशन बनाया गया था, लेकिन लोगों के मुताबिक यहां कोई व्यवस्था नहीं थी।
शिकायत होने के बाद जांच करने के लिए अधिकारी आने वाले थे तो एक दिन पहले ही रात में सभी व्यवस्था की जा रही थीं। इसका आसपास के लोगों ने वीडियो भी बनाया है।
फोटो संग्रहित करने के लिए पूरी सीन बनाया जा रहा था। यात्री से लेकर बस, शौचालय, पेयजल की व्यवस्था और टेंट आदि मंगाया गया था।
विवेक कुमार ने बताया कि यहां कभी अस्थाई स्टेशन बना ही नहीं तो क्या कहा जाय। जिम्मेदारों से सरकारी रकम का बंदरबांट का आस्था के नाम अपनी तिजोरी भर ली। कुछ दिन पहले यहां अधिकारी जांच करने के आए, लेकिन क्या हुआ इसकी जानकारी नहीं है।