महराजगंज। जनपद के कोठीभार क्षेत्र के एक गांव में अतिक्रमण बताते हुए देवी मंदिर को प्रशासन ने ध्वस्त करा दिया। इससे ग्रामीण लामबंद हो गए हैं। सोमवार को गांव के लोगों ने मंदिर पुजारी के नेतृत्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
गांव के लोगों का दावा है कि प्रशासन ने अतिक्रमण की झूठी कहानी रचकर मंदिर पर जेसीबी चलवाया, जबकि गांव में मंदिर 20 वर्ष पहले से स्थापित था। कोठीभार थानाक्षेत्र के ग्राम हेवती के लोगों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है। इसके माध्यम से बताया गया है कि गांव के उत्तर दिशा में ग्राम पंचायत का पोखरा है। पोखरे के दक्षिण-पूर्व छोर पर मां दुर्गा का लगभग 20 वर्ष पुराना मंदिर था।
मंदिर के प्रति गांव वाले ही नहीं आसपास के लोगों की भी आस्था थी। मनोकामना पूर्ण होने पर लोग भजन-कीर्तन कार्यक्रम भी आयोजित करवाते थे। सोमवार, शुक्रवार, पूर्णमासी व अमावस्या के अलावा नवरात्र में यहां पूजा-अर्चना होती थी, लेकिन अतिक्रमण की बात कहकर एसडीएम, तहसीलदार, लेखपाल व पुलिस फोर्स ने मंदिर पर जेसीबी चलवा कर मंदिर ध्वस्त करवा दिया।
पुजारी अनिल ने इसका विरोध किया तो सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाकर जेल भेज दिया। आरोप है कि मंदिर में पांच-पांच किलो के 20 पीतल के घंटे लगे हुए थे जिनका कोई पता नहीं। मंदिर का दानपात्र जो पिछले पांच वर्ष से नहीं खुला था वह भी नदारद है। ग्रामीणों ने जांच कर कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर पुजारी अनिल प्रजापति, रमेश, नर्वदेश्वर, राजू, उर्मिला, सिंधु देवी मौजूद रहे।