महराजगंज। टीबी के मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अब रोग की पुष्टि होते ही आशा कार्यकर्ताओं दवाइयां और आवश्यक सहायता सीधे मरीजों के घर पहुंचाएंगी। केंद्र सरकार की ओर से ‘’टीबी मुक्त भारत अभियान’’ के तहत यह व्यवस्था लागू की गई है। योजना का लक्ष्य 2025 तक देश को टीबी मुक्त करना है।
जिले में टीबी के मामले बढ़ रहे हैं। जनपद की विशेष भौगोलिक स्थिति के कारण मरीजों का अस्पताल पहुंचना मुश्किल होता है।
पहले मरीजों को हर सप्ताह दवा लेने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आना पड़ता था, जिससे उपचार में बाधा आती थी। अब आशा घर-घर दवा पहुंचाएंगी और मरीज की निगरानी भी करेंगी। यह योजना उन परिवारों के लिए वरदान साबित होगी जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। जानकारी के अनुसार, रोग पुष्टि के बाद आशा कार्यकर्ता मरीज को निशुल्क दवाओं का कोर्स प्रदान करेंगी और डिजिटल एप के जरिए उपचार की प्रगति की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेजेंगी।
टीबी एक संक्रामक बैक्टीरियल संक्रमण है जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है। इसके प्रमुख लक्षणों में लगातार खांसी, बुखार, वजन घटना और रक्त की उल्टी शामिल है।