महराजगंज। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत स्वच्छ सर्वेक्षण की प्रक्रिया जनपद में एक जुलाई से प्रभावी हो जाएगी। सर्वेक्षण के लिए स्वतंत्र संस्था डीडीडब्ल्यूएस (पेयजल स्वच्छता विभाग) को शासन ने नामित किया है।
सर्वे के लिए पंचायतीराज विभाग ने ग्राम पंचायतों में हुए स्वच्छता संबंधी कार्यों का विवरण नामित सर्वे एजेंसी व विभागीय पोर्टल पर भी अपडेट किया गया है। डीपीआरओ ने बताया कि नामित एजेंसी पहली जुलाई से 14 अगस्त तक चलने वाले सर्वेक्षण में ग्रामीण क्षेत्र में विभिन्न बिंदुओं पर सर्वेक्षण करेगी। सर्वेक्षण के दौरान विभिन्न मापदंड परखे जाएंगे।
इसी के आधार पर मूल्यांकन पूरी कर राष्ट्रीय रैंकिंग प्रदान की जाएगी। जिले के सभी 12 ब्लॉकों के सहायक विकास अधिकारी पंचायत को सर्वे टीम का सहयोग के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रत्येक ग्रामपंचायत में पांच सार्वजनिक स्थलों विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र, पंचायत कार्यालय और हाट व बाजार में स्वच्छता की स्थिति का मूल्यांकन किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के पहले चरण में खुले में शौच समाप्त करने पर जोर दिया गया था।
इस बार दूसरे चरण में खुले में शौच मुक्ति की स्थिरता बनाए रखने, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को लागू करके संपूर्ण स्वच्छता की तरफ कदम बढ़ाए जाएंगे। इस संबंध में डीपीआरओ श्रेया मिश्रा ने बताया कि जनपद में कुल 12 विकासखंड के अंतर्गत 883 ग्राम पंचायत हैं। संवाद