महराजगंज। सोमवार को मौसम ने अचानक करवट बदल ली। आसमान में बादल छाए रहे 13 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। इससे ठंड का एहसास हुआ। उधर, सुबह से शाम तक कोहरा छाए रहने के कारण वाहनों की रफ्तार भी धीमी पड़ गई। राहत वाली बात यह रही कि वायु गुणवत्ता सूचकांक घट गया। एक्यूआई 142 दर्ज किया गया है। जबकि पहले एक्यूआई 152 रहा।
जानकारी के अनुसार, बीते दो दिनों से वायु प्रदूषण का स्तर भी कम हो रहा है। वहीं अधिकतम तापमान 27.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि हवा की गति मध्यम रहेगी। आने वाले दो दिनों में मौसम खराब होने की संभावना है। अधिकतम पारे में दो तीन डिग्री की गिरावट दर्ज होने की संभावना है। हवा की गति चार से 13 किमी के बीच रहेगी। आने वाले दिनों में मौसम काफी उतार चढ़ाव होगा।
अधिकतम 10 दिसंबर तक गेहूं की बुआई हो जानी चाहिए
किसान रामप्रीत, चंद्रेश बताया कि गेहूं की बिजाई हो चुकी है। हल्की बारिश हुई तो रबी की फसलों के लिए वरदात साबित होगी। कृषि वैज्ञानिक डॉ. वी चंद्रन ने बताया कि अधिकतम 10 दिसंबर तक गेहूं की बुआई हो जानी चाहिए। देर हुई तो खेती पिछड़ जाएगी। रबी की फसलों के लिए बढ़ती ठंड लाभदायक है। ठंड का मौसम इस सीजन की फसलों के लिए लाभदायक है। हल्की बरसात भी हो जाए तो कोई नुकसान नहीं होगा। गेहूं, मटर, जौ, चना, सरसों आदि फसलों के लिए यह मौसम अनुकूल है। कम तापमान रबी की फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए उपयुक्त होता है।