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Maharajganj News: बॉर्डर पर सख्ती...बेनाम गोदामों में माल भर रहे तस्कर

Sat, 31 May 2025 12:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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महराजगंज/सोनौली। भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। इन दिनों तस्कर जरूरत का सामान गोदामों में एकत्र कर मौके की तलाश में हैं। जब मौका मिलता है तो समान सरहद पार कर दे रहे हैं।
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सीमावर्ती इलाकों में चिह्नित ठिकानों पर चावल चीनी, गेहूं, चावल, ब्रान समेत अन्य सामग्री इकट्ठा हो रहा है। सूत्रों की माने तो सीमावर्ती इलाकों के बाजारों में खपत से ज्यादा सामान मंगाया जाता है। एक नंबर के बिल पर करोड़ों का सामान मंगाकर उसे अवैध तरीके से सरहद पार कर दिया जाता है।
फुटकर में खरीदारों की संख्या अधिक है। इस धंधे में नेपाल के ग्राहकों को फायदा है, लेकिन भारतीय ग्राहकों को नुकसान हो रहा है। शहरी बाजारों से लेकर सीमावर्ती बाजारों के रेट में दो से तीन रुपये का अंतर हर सामान में आता है, जो सामान सीमावर्ती कस्बों में 40 रुपये का है। वही सरहद से 50 किमी दूर 35 रुपये में मिल रहा है।
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इसके कारण सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को महंगे में समान खरीदने पड़ते हैं। सीमावर्ती इलाकों में एकत्रकर मौके की तलाश में तस्कर लगे हैं।
बाॅर्डर पर सख्ती का आलम यह है कि अब धड़ल्ले से तस्करी नहीं हो रही है। अब मौका देखकर तस्कर सामान सरहद पार कर रहे हैं। इन दिनों में पूरा जोर सामान एकत्र करने में है।
नेपाल में चावल आटा चीनी के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे में तस्करों ने भारी मुनाफा कमाने के लिए अवैध तरीके से खाद्यान्न को नेपाल भेजना शुरू कर दिया है। महराजगंज से सटी नेपाल सीमा तो तस्करों के लिए मुफीद साबित हो रही है। सीमावर्ती जिलों से बच्चों और महिलाओं को रकम का लालच देकर चावल, गेहूं, ब्रान की तस्करी कराई जा रही है।
नेपाल के निकट भारतीय सीमा से लगे हुए गांव में जीएसटी पंजीयन कर उक्त सामानों को एक नंबर के बिल पर लाया जाता है। फिर उसे दो नंबर के रास्ते नेपाल पहुंचा दिया जाता है।
एक नंबर के बिल होने से सीमावर्ती क्षेत्र के गोदाम तक माल आने के लिए बिल होने से कस्टम पुलिस और जीएसटी विभाग कुछ नहीं कर पाती और इसका लाभ लेकर डंप समान को थोड़ा-थोड़ा करके बच्चे और महिलाएं नेपाल में ले जाते हैं।
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जब सुरक्षा एजेंसी के लोग इनको पकड़ते हैं तो निजी प्रयोग का हवाला देकर निकल जाते हैं। इसके कारण पूरी तरह से तस्करी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
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