परतावल। क्षेत्र में नहर की सिल्ट सफाई का पूरा लाभ खनन माफिया उठा रहे हैं। नहर से निकाली गई सिल्ट रातों-रात चुराकर लाखों कमा रहे हैं। बृहस्पतिवार की रात को भी हरपुर तिवारी गांव के पास छपिया राजवाहा के दाईं पटरी से जेसीबी मशीन व ट्रैक्टर-ट्राॅली लगाकर सिल्ट खोदकर उठा ले गए।
आनन-फानन में विभाग ने थाने में तहरीर दी। पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ब्रिटिश शासनकाल में सौ वर्ष पूर्व 1925 में फसलों की सिंचाई के लिए नहरों का निर्माण कराया गया था। फसलों की सिंचाई के लिए बनी इन नहरों में सिल्ट जमा होने के कारण पानी टेल तक नहीं पहुंच पाता है।
हेड से टेल तक पानी पहुंचाने के लिए हर साल नहरों से सिल्ट की सफाई कराई जाती है। नहर से निकाली गई सिल्ट को ठिकाने लगाने के लिए खनन माफियाओं की चांदी आ गई है। आए दिन खनन माफिया नहर किनारे से बड़ी मात्रा में सिल्ट खोदकर उठा ले जाते हैं। बृहस्पतिवार की रात को भी यही हुआ।
सिंचाई विभाग के सींच पर्यवेक्षक विनोद कुमार गिरि ने बताया कि हरपुर तिवारी गांव के पास छपिया राजवाहा के दाईं पटरी से बृहस्पतिवार की देर रात कुछ लोगों ने जेसीबी मशीन व ट्रैक्टर-ट्राॅली लगाकर सिल्ट खोदकर उठा ले गए। उक्त घटना की जानकारी मुखबिर की ओर से रात में ही मिल गई थी। वायरल वीडियो के आधार पर खनन करने वाले लोगों के बारे में पता चला।
शुक्रवार को उनके खिलाफ केस दर्ज कराया गया। थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह के अनुसार, मामले में सींच पर्यवेक्षक विनोद कुमार गिरि की तहरीर पर आरोपी राजकुमार यादव व अनिल यादव के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम समेत सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर जांच की जा रही है।