छठ पर्व पर ट्रेनों में भीड़ से यात्री परेशान, बीएस-6 की बसें पर्याप्त नहीं
तीन बसें दिल्ली के प्रत्येक दिन चलाई जातीं, दिल्ली से गोरखपुर तक आने में पसीना छूट जाता
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। छठ पर्व पर बाहर से आने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। सफर करने में लोगों को दुश्वारियां झेलनी पड़ रहीं हैं। बीएस 6 बसें ही दिल्ली में प्रवेश कर रहीं हैं। इस वजह से दिल्ली से आने वाले लोगाें के लिए बसें भी पर्याप्त नहीं हैं। ऐसे में ट्रेनों में भीड़ ज्यादा बढ़ गई है। ट्रेन की हालत यह है कि दिल्ली से ट्रेन में खड़े होकर सिसवा स्टेशन तक आने में घुटने में दर्द की समस्या से यात्री पीड़ित हो गए। भूख प्यास से परेशान यात्री जैसे-तैसे गंतव्य तक पहुंच रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, महराजगंज डिपो में 55 बसें संचालित हो रही है। इनमें से बीएस-6 की छह बसें हैं। तीन बसें प्रतिदिन दिल्ली के लिए आती जाती हैं, जबकि एक-एक बस बनारस और लखनऊ के लिए संचालित होती है। बीएस-4 बस को गोरखपुर से आगे संचालित करने पर रोक है। बुधवार को दोपहर में महराजगंज बस स्टेशन पर तीन बसें गोरखपुर जाने के लिए लगीं थीं। इधर से जाने के लिए कुछ खास भीड़ नहीं दिखी, लेकिन गोरखपुर से आने वाली बसों में यात्री ज्यादा रहें।
बस से उतरते हुए खेसरहा गांव के रामअजोर यादव ने बताया कि गोरखपुर से महराजगंज आने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी गोरखपुर तक हो रही है। उन्होंने दिल्ली से आने के लिए स्टेशन पर गया तो ट्रेन में बैठने की जगह नहीं मिली। इस वजह से बस से गोरखपुर तक आया, उसमें भी खचाखच यात्री भरे हुए थे। छठ पर्व के कारण घर जा रहा हूं। इसी तरह से बस से आने वाले अन्य यात्रियों ने अपनी दुश्वारियों को बयां किया।
सिसवा प्रतिनिधि के अनुसार, बुधवार को करीब एक बजे के बाद सत्याग्रह एक्सप्रेस रूकी। अंदर देखने पर यात्रियों का दर्द समझ में आ गया कि वह कैसे यहां तक पहुंचे हैं। सामान्य डिब्बा और आरक्षित डिब्बे की हालत बहुत खराब दिखी। कहीं आराम से बैठने की जगह नहीं दिखी। यात्री दिल्ली से ही ट्रेन की गैलरी और शौचालय में बैठ कर यात्रा कर रहे थे। सत्याग्रह एक्सप्रेस सिसवा रेलवे स्टेशन पर रुकी तो उतरने वाले यात्रियों का बुरा हाल दिखा। यात्रियों का कहना था कि छठ पर्व के कारण आरक्षित बोगियां भी सामान्य की तरह हो गई हैं। रत्नेश कुमार ने बताया कि पूरी रात खड़े होकर सफर करना पड़ा। भीड़ के कारण कहीं बैठने के लिए जगह नहीं मिली। घुटने में दर्द हो रहा है।
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मंगलवार को दिल्ली से ट्रेन चली थी। उसके बाद भी जिस स्टेशन पर ट्रेन रुकती थी तो हजारों की संख्या में लोग चढ़ने के लिए जद्दोजहद करने लगते थे। ट्रेन में प्रवेश करने के बाद भी खड़े होकर सफर पड़ा।
संदीप कुमार, सिसवा
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बोगी के अंदर का हाल यह था कि हिलने तक की जगह नहीं थी, जो जहां बैठ गया, वहां से उठना मुश्किल था। जो सामान्य बोगी की हालत थी, वही आरक्षित बोगी का भी हाल था।
सूरज राव, खजुरी
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गाड़ी में भीड़ की वजह से खाना तक नहीं मिला। भूख और प्यास से सभी यात्रियों का बुरा हाल रहा। लंबी दूरी के यात्री तो इस भीड़ में बीमार पड़ जाएंगे। छठ में घर आने की इच्छा में लोग सारी तकलीफ भूल कर यात्रा कर रहे हैं। बस से आने में भी यही समस्या है।
विकास कुमार, सेखुई
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छठ पर्व पर घर आने के सीट आरक्षित कराया था, लेकिन मेरी ही सीट पर कई लोग बैठ गए थे, किसी तरह से दिल्ली से सिसवा तक सफर पूरा किया। पूरे सफर में ठीक ढंग से बैठने के लिए भी नहीं मिला।
चंदन शर्मा, सिसवा
महराजगंज डिपो की बसें गोरखपुर रूट पर लगातार चल रहीं हैं। बाहर से आने वाले यात्रियों को गंतव्य तक छोड़ा जा रहा है। बीएस-6 की तीन बसें प्रत्येक दिन दिल्ली जा रहीं हैं। यात्रियों को समस्या न हो, इसका पूरा ध्यान दिया जा रहा है।
सर्वजीत वर्मा, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक