घटना से पहले अमरीश ने दीवार पर सुसाइड नोट लिखने के साथ ही वीडियो बनाकर पूरे घटना का दोषी अपनी पत्नी उसके मायके वालों और पत्नी के कथित प्रेमी को ठहराया था। मृतक के भाई की शिकायत पर पुलिस ने बंदना, उसकी माता चंदा देवी, पिता रामअवतार राम, भाई नवीन कुमार, भाभी सुनीता, सोनू गौतम व एक अज्ञात के विरुद्ध साजिश रचने और हत्या के उकसाने का मुकदमा दर्ज किया था।
नौतनवा कस्बे के गांधी नगर वार्ड में दो बच्चों और पति की मौत मामले में पुलिस ने मंगलवार को एसएसबी कर्मी बंदना को न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आठ मार्च को दो बच्चों की हत्या कर युवक द्वारा आत्महत्या के मामले में पुलिस मृतक के भाई की तहरीर पर पत्नी एसएसबी कर्मी बंदना के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, एसएसबी की 66वीं वाहिनी के मुख्यालय में बतौर सफाईकर्मी तैनात बंदना निवासी मिर्जापुर थाना सैदपुर जिला गाजीपुर के पति अमरीश ठाकुर ने पारिवारिक कलह में रविवार की सुबह गांधी नगर वार्ड स्थित अपने किराए के कमरे में दोनों बच्चों के साथ आत्महत्या कर ली थी। कंचन (4) एवं अमरेंद्र (3) की हत्या करने के बाद उसने फांसी लगाकर खुदकुशी भी कर ली थी।
घटना से पहले अमरीश ने दीवार पर सुसाइड नोट लिखने के साथ ही वीडियो बनाकर पत्नी उसके मायके वालों और पत्नी के कथित प्रेमी को पूरे घटना के लिए दोषी ठहराया था। मृतक के भाई की शिकायत पर पुलिस ने बंदना, उसकी माता चंदा देवी, पिता रामअवतार राम, भाई नवीन कुमार, भाभी सुनीता, सोनू गौतम व एक अज्ञात के विरुद्ध साजिश रचने और हत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया था।
विज्ञापन
थानाध्यक्ष पुरुषोत्तम राव ने बताया कि अमरीश ठाकुर के भाई अश्वनी कुमार शास्त्री निवासी गाजीपुर की तहरीर के आधार पर बंदना समेत कुल सात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज है। प्रकरण की जांच विचाराधीन है।