महराजगंज। शासन के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी स्वास्थ्य केंद्रों का 21 से 23 फरवरी तक एसआरएम (स्टेट रिव्यू मिशन) टीम की ओर से पर्यवेक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को दो सदस्यीय टीम डॉ. वीएन चतुर्वेदी, सतीश मिश्र और यूनिसेफ की बीएमसी रिमझिम कसौधन ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कृत पिपरा का 10.30 बजे निरीक्षण किया।
टीम ने सबसे पहले रजिस्ट्रेशन काउंटर का जायजा लिया। इसके बाद दवा वितरण कक्ष में फार्मासिस्ट के दवा स्टॉक, औजारों का परीक्षण कर प्रतिदिन उपलब्ध दवाओं को सूचना पट पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। प्रयोगशाला में विभिन्न जांचों की जानकारी ली गई। लेबर रूम में मौजूद मरीजों से मुफ्त इलाज एवं सुविधाओं के बारे में पूछताछ कर संतुष्टि जताई। चिकित्सक कक्ष में डॉ. मनोज मिश्र से मरीजों के उपचार संबंधी विवरण प्राप्त किया। पूरे परिसर के निरीक्षण उपरांत टीम ने अधिक साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिए।
अपराह्न 12.15 बजे आयुष्मान आरोग्य मंदिर सवेरेजी का निरीक्षण किया। यहां सीएचओ पूनम एवं एएनएम निर्मला पासवान उपस्थित रहीं। यहां एनसीडी रोगों टीबी, कैंसर, शुगर आदि की स्क्रीनिंग, गर्भवती महिलाओं एवं शिशुओं के टीकाकरण सहित अन्य सेवाओं एवं संसाधनों की समीक्षा की गई।
12.46 बजे आयुष्मान आरोग्य मंदिर नटवा पहुंचकर सीएचओ राधिका मनी, एएनएम रागिनी यादव एवं रीना सिंह से मिली। टीम ने शौचालय की सफाई हेतु तत्काल निर्देश दिए। टीम ने 1.18 बजे आयुष्मान आरोग्य मंदिर नेता सुरुहुरुआ का निरीक्षण किया।
यहां सीएचओ दीक्षा सचान, एएनएम प्रियंका गुप्ता एवं छह आशा कार्यकर्ता मौजूद थीं। नए रजिस्टर में कुल पन्नों की संख्या एवं प्रमाणपत्र अंकित न होने पर ध्यान दिलाया गया। एएनएम से प्रथम बुधवार को दी जाने वाली टीकाकरण एवं परिवार कल्याण सेवाओं की जानकारी ली।
टीम 1.55 बजे आयुष्मान आरोग्य मंदिर दुबौली पहुंचे, जहां सीएचओ रोशनी पाल, एएनएम आभा पटेल एवं चार आशा उपस्थित रहीं। यहां पीने के साफ पानी एवं फंक्शनल शौचालय की कमी पर टीम ने गंभीरता जताई। टीम के सदस्यों ने सफाई व्यवस्था को लेकर सतर्क रहने और मरीजों से ठीक व्यवाहार करने को लेकर निर्देश दिए। इस दौरान सीएचसी अधीक्षक डॉ. केपी सिंह, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी श्रीभागवत सिंह, बीपीएम सूर्य प्रताप सिंह एवं बीसीपीएम लवली वर्मा भी साथ थे। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कृतपिपरा, रमहौली, बागापार एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की सेवाओं की गुणवत्ता जांच की।