महराजगंज। चैत्र नवरात्र का प्रारंभ चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होता है। 30 मार्च 2025 से आरंभ होने वाला है। (इस वर्ष राजा भी सूर्य हैं और मंत्री भी सूर्य देव हैं।) हिंदू नववर्ष का प्रारंभ भी रविवार से प्रारंभ हो रहा है।
आचार्य लोकनाथ तिवारी ने बताया कि नवरात्र 29 मार्च को शाम 4 बजकर 32 मिनट पर प्रतिपदा तिथि शुरू हो रही है। श्री हृषिकेश पंचांग के अनुसार, चैत्र नवरात्र में कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त उदया तिथि के अनुसार, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 30 मार्च को है। यानी कि घट स्थापना इसी दिन होगी। कलश स्थापना के लिए शुभ समय सुबह 6 बजकर 13 मिनट से 10 बजकर 22 मिनट तक होगी।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 30 मार्च को सुबह 6 बजकर 13 मिनट से 10 बजकर 22 मिनट तक है। इसके अलावा, दोपहर 12 बजकर 1 मिनट से 12 बजकर 50 मिनट तक वैसे इस पवित्र तिथि में रविवार को पूरा दिन घट स्थापना करा सकते हैं।
अभिजीत मुहूर्त भी है। इन दोनों मुहूर्तों में कलश स्थापना करना मनोवांछित फल प्रदान करने वाला माना जाता है।
30 मार्च को प्रतिपदा तिथि में कलश स्थापना का शुभ योग है जिसमें भक्तजन कलश स्थापना कर देवी शक्ति की उपासना आरंभ करेंगे। कुष्मांडा देवी और स्कंदमाता की पूजा एक ही दिन 2 अप्रैल को होगी। इसी दिन चतुर्थी तिथि और पंचमी तिथियां का सहयोग रहेगा। सप्तमी अष्टमी और नवमी तिथियां विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है।
नवरात्रि के आरंभ में इंद्रयोग में हो रहा है। सर्वार्थसिद्धि योग, रवि योग, जय योग, औदायक योग, प्रवर्धमान योग मिलने से इस बार नवरात्र बहुत ही शुभदाई होगा। अष्टमी 5 अप्रैल को और महानवमी 6 अप्रैल को मनाई जाएगी।