पशुपतिनाथ मंदिर दर्शन के लिए घुटनों के बल व पदयात्रा करते हुए नौतनवा पहुंचे दोनों संत।
नौतनवा। सनातन धर्म की विशेषता का बखान एवं लोगों को एकरूपता और एकजुटता का संदेश देने का उद्देश्य लेकर एक संत हरिद्वार से घुटनों के बल रथ खींचते और दूसरे संत शिरडी से पदयात्रा करते हुए बृहस्पतिवार को दो संत नौतनवा पहुंचे। यहां हाइवे पर किसान नेता नागेंद्र प्रसाद शुक्ला ने उन्हें फूलमाला पहनाकर उनका स्वागत किया और आर्थिक सहयोग कर अग्रिम यात्रा की शुभकामनाएं दी।
घुटनों के बल रथ खींच रहे संत हरपाल भगत ने बताया कि वह सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार, एकजुटता का संदेश और लोक कल्याण की कामना लेकर हरिद्वार से नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर की यात्रा पर निकले हैं। घुटनों के बल चलकर लोगों को यह सीख देना चाहते हैं कि इच्छाशक्ति से बढ़कर दुनिया में कोई शक्ति नहीं है। यदि मनुष्य कुछ ठान ले, तो उसे पूरा होने को कोई भी ताकत रोक नहीं सकती। उन्होंने बताया कि हरिद्वार से बनारस, अयोध्या व गोरखनाथ मंदिर का दर्शन करते हुए यहां तक पहुंचे हैं। उनकी यात्रा पशुपतिनाथ मंदिर नेपाल पहुंचकर ही संपन्न होगी। रास्ते में ही पांच दिनों पूर्व फरेंदा में उनकी मुलाकात पदयात्रा पर निकले संतोष राउत से हुई। संतोष राउत ने बताया कि वह 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए शिरडी से पैदल यात्रा पर निकले हैं। नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर से वह झारखंड होते हुए मल्लिकार्जुन और फिर वहां से रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग का दर्शन करने जाएंगे। उन्होंने कहा कि संसाधन का अभाव ही हमारे जीवन को सही दशा और दिशा देकर एक योग्य मनुष्य बनाता है।