निचलौल। भारतीय क्षेत्र में अवैध खनन पाबंदी से अब इसकी तस्करी भी शुरू हो गई है। नदियों से बालू निकालकर तस्कर भारतीय क्षेत्र में पहुंचाया जा रहा है। हालांकि, नेपाल बाॅर्डर पर तस्करी सहित अन्य अपराधों को रोकने के लिए कई सुरक्षा एजेंसियां लगी हुई है। बावजूद इसके नेपाल से बालू की खेप को ट्रैक्टर-ट्रॉली की मदद से भारतीय सीमा क्षेत्र में लाया जा रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, तस्कर ढाई हजार रुपये खर्च में नेपाल से बालू लदे वाहन भारतीय क्षेत्र में लाकर छह से सात हजार रुपये में बेच मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। लक्ष्मीपुर से लेकर कनमिसवा बॉर्डर तक के पगडंडियों के रास्ते हर रोज करीब 15 से 20 ट्रॉली बालू भारत लाया जा रहा है। नेपाल बाॅर्डर पर बालू का धंधा तेज है।
इसका धंधा करने वालों के खिलाफ जिम्मेदार कोई कठोर कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। नतीजतन बालू का धंधा धड़ल्ले से हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक रात के अलावा अब दिन में भी सरहद की पगडंडियों से नेपाली बालू को भारत लाया जा रहा है।
भारतीय क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से बालू के अवैध खनन पर रोक लगी है। ऐसे में बालू माफियाओं की ओर से नेपाल में बालू की खनन कर धंधा को बेरोक-टोक जारी रखे हुए हैं। सरहद के कनमिसवा, रेंगहिया, शीतलापुर, चालीस कड़िया, लक्ष्मीपुर सहित अन्य जगहों से दिन में बालू लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली गुजरना आम बात है।
इस संबंध में निचलौल क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार सिंह ने कहा कि बॉर्डर पर तस्करी रोकने के लिए तैनात सुरक्षा एजेंसियों के साथ पुलिस टीम भी प्रयास में लगी। तस्करी की सूचना मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
अभी बालू लदे एक वाहन को पकड़ गया है। तस्करी रोकने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों के पुलिस चौकी पर तैनात पुलिस कर्मियों सख्त निर्देश दिए गए हैं।