निचलौल। सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग अंतर्गत निचलौल और शिवपुर वन रेंज के जंगलों के बीच होकर बहने वाली नारायणी नदी के रास्ते धंधेबाज खैर की लकड़ी कुशीनगर पहुंचा रहे हैं। वन कर्मियों की टीम ने 4 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर नारायणी नदी से सटे भेड़ियारी गांव में छापा मारकर 47 बोटा खैर की लकड़ी बरामद की थी। आरोपी मौके से भाग गए थे। बरामद लकड़ी को जब्त कर टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक धंधेबाज नेपाल राष्ट्र से लकड़ी को पहले सरहद के इर्द-गिर्द डंप करते हैं। फिर वन कर्मियों और सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर नाव के जरिए खैर लकड़ी को कुशीनगर पहुंचाकर मोटी रकम कमा रहे हैं। नदी के रास्ते खैर लकड़ी के तस्करी का यह पहला मामला नहीं है। 21 अगस्त को धंधेबाज नेपाल से नाव में 45 बोटा खैर लकड़ी को लोड कर कुशीनगर के लिए निकले। नारायणी नदी के रास्ते भारत-नेपाल सरहद पर वन रेंज के कर्मियों को चकमा देकर कुशीनगर के खड्डा थाना क्षेत्र के हनुमानगंज के सामने पहुंचे। कुशीनगर के सामाजिक वानिकी प्रभाग के कर्मियों को धंधेबाजों के करतूतों की भनक लग गई।
अधिकारियों ने टीम गठित कर नदी में धंधेबाजों की घेराबंदी कर नाव पर लदी 45 बोटा खैर लकड़ी को बरामद कर लिया। मामले में खड्डा वन रेंज में केस दर्ज कर लिया गया था। निचलौल वन क्षेत्राधिकारी सुनील राव ने बताया कि भेड़ियारी में बरामद हुई खैर लकड़ी को जब्त कर कार्रवाई की जा रही है।