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Maharajganj News: मोटा मुनाफा के चक्कर में तस्कर नेपाल पहुंचा रहे मछली

Wed, 25 Jun 2025 12:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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महराजगंज/सोनौली। भारत से नेपाल बड़े पैमाने पर ताजी मछली की तस्करी हो रही है। दोगुना मुनाफा के चक्कर में तस्कर मछली भी सरहद पार कर रहे हैं। बीते दिनों नेपाल में बरामदगी के बाद अब नेपाल पुलिस सख्ती बरत रही है। ऐसे वस्तुओं पर भी नजर रख रही है, जो नेपाल में प्रतिबंधित है।
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कैरियर एक से दो क्रेट मछली साइकिल से सरहद पार कर देते हैं। ताजी की आड़ में कई दिन तक बर्फ में रखी मछलियां भी तस्कर नेपाल पहुंचा देते हैं। सूत्रों की माने तो ज्यादातर मछली आंध्र प्रदेश, बंगाल से लाई जाती हैं।
थोक में करीब 100 से 180 रुपये प्रति किलो के बीच मछली मंगाकर नेपाल भेजते ही 250 प्रति किलो के भाव में आसानी से बिक जा रही है। जिसे नेपाल के नारायण घाट, पोखरा और काठमांडो तक पहुंचाया जाता है। मछली का रेट नेपाल में सीमावर्ती क्षेत्र में 250 और आगे बढ़ने पर 500 रुपये प्रति किलो तक मिल जाता है।
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सीमावर्ती क्षेत्र में रेट कम मिलता है, लेकिन नरायनघाट से आगे पोखरा और काठमांडो में तीन गुना तक दाम हो जाता है। सोनौली कोतवाली क्षेत्र के आसपास के इलाकों में तस्करी ज्यादा हो रही है। तस्कर पहले मछली की खेप मंगाकर भारतीय इलाके में रखते हैं। फिर उसे अंधेरे में बाइक और साइकिल की मदद से नेपाल भेज देते हैं।
सूत्रों की माने तो नेपाल के बेलहिया भैरहवा से आगे ले जाने की जिम्मेदारी दूसरे की होती है। सीमा पर कैरियरों की मदद से धंधे को अंजाम दिया रहा है। इसके अलावा मछली की तस्करी सीमावर्ती गांव भगवानपुर, खनुवा, परसामलिक, बरगदवा, ठूठीबारी, निचलौल के रास्ते भी हो रही है।
कच्चे समान का वास्ता देकर कैरियर नेपाल ले जाते हैं। क्षेत्राधिकारी नौतनवा जय प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि अगर ऐसा है तो सघन जांच की जाएगी। सीमावर्ती क्षेत्र में कड़ी नजर रखी जा रही है।
सोनौली और नौतनवा में बनाए गए चार गोदाम
सूत्रों की माने तो मछली तस्करी के लिए केवल सोनौली और नौतनवा कस्बे में चार अवैध गोदाम बने हैं। ताजी मछली पर टैक्स फ्री होने से इसका कारोबार करने वाले लोगों पर पुलिस या जीएसटी विभाग की नजर नहीं पड़ती, लेकिन इन गोदामों पर रोजाना आंध्र प्रदेश से दो से तीन डीसीएम मछली मंगाई जाती है। इसे पिकअप की मदद से सीमावर्ती क्षेत्र से लगने वाले बाजारों तक पहुंचाया जाता है। उसके बाद कैरियर एक-एक क्रेट मछली साइकिल से सरहद पार कर देते हैं। बॉर्डर पर रात करीब सात से आठ बजे के बीच ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए और कैरियरों के माध्यम से मछलियों को नेपाल भेजा जाता है। एक पिकअप में 20 से 25 क्रेट मछली लाई जाती है। प्रति क्रेट में करीब 25 किलो मछली रहती है।
नेपाल में महंगी बिक रही मछली
भारतीय क्षेत्र की अपेक्षा नेपाल में मछली अधिक महंगी बिक रही है। सीमावर्ती बाजार में मछली 100 रुपये एवं नेपाल में 250 रुपये, राेहू जिले में 140 रुपये एवं नेपाल में 300 रुपये, जिले में कामन कार्प 140 रुपये किलो है। नेपाल में नेपाली मुद्रा में 600 रुपये किलो बिक जाती है। यह भारतीय मुद्रा में 375 रुपये किलो होगी। इस प्रकार बॉर्डर पार होते ही मछली का दाम दोगुना हो जाता है।
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