नेपाल में बीज 600 प्रति किलो तो भारत में 900 रुपये प्रति किलो बिकता है कद्दू का बीज
दवा बनाने में उपयोग किया जाता है कद्दू का बीज, महानगरों में भेज रहे तस्कर
सोनौली। नेपाल से कद्दू के बीज लाकर भारतीय सीमा क्षेत्र के गन्ने के खेत में तस्कर छुपाते हैं। इसके बाद मौका देखकर इसे महानगरों तक पहुंचाया जाता है। कद्दू के बीज का उपयोग दवा बनाने समेत अन्य कार्यों में किया जाता है। भारतीय क्षेत्र में इसकी मांग के कारण अच्छी खासी कीमत मिलती है। दोनों देशों में कद्दू के बीज के दाम में अंतर के कारण तस्कर प्रतिकिलो 300 का मुनाफा कमाते हैं।
सूत्रों के अनुसार, नेपाल से कद्दू का बीज दिल्ली तक पहुंचाया जा रहा है। बीते दिन की बरामद कद्दू बीज के जांच में यह जानकारी मिली है। भारत में आयात शुल्क अधिक है होने के कारण इसे अमेरिका से नेपाल में इम्पोर्ट कर फिर भारत में पगडंडियों के रास्ते मंगाया जाता है। दूसरे भारतीय रुपये के मुकाबले नेपाली मुद्रा सस्ती होने का कारण दामों में बहुत फर्क आ जाता है। सीमावर्ती गांवों में बने गोदामों में डंप कर वाहनों से इसे भारत के महानगरों में भेजा जाता है। स्थान नहीं मिलने पर धंधेबाज इसे गन्ने के खेत में छिपा देते हैं। मौका मिलने पर बॉर्डर पार कर दिया जाता है।
पगडंडियों के रास्ते बड़े वाहन ले जाना मुश्किल होता है। इसलिए तस्करी के लिए बाइक सरहद पार करना सबसे आसान तरीका बन गया है। सोनौली थाना क्षेत्र के श्याम काट ,सियरहिया, लक्ष्मीनगर, भगवानपुर, मदरी, निपानिया, सेवतरी, खनुआ, डाली, जोगियाबारी, छपवा, सम्पतिहा, बरगदवा क्षेत्र से कैरियर भारतीय सीमा क्षेत्र में आते हैं। प्रतिबंधित कद्दू का बीज भारत में आ रहा है। प्रतिकिलो 300 रुपये मुनाफे के कारण कद्दू के बीज की तस्करी हो रही है। नेपाल में बीज 600 प्रति किलो के हिसाब से मिल रहा है जबकि भारत में 900 प्रति किलो की दर पर बिक रहा है। तस्कर सरहद पर बेरोजगार युवाओं को धन का लालच देकर तस्करी कराते हैं। साइकिल और बाइक से भारत से नेपाल और नेपाल से भारत के सीमावर्ती क्षेत्र तक पहुंचाने के लिए कैरिंग चार्ज के रूप में 500 से 1000 रुपये मिल जाते हैं।
वर्जन
तरबूज के बीज में प्रोटीन, आयरन, कॉपर, जिंक, मैग्नीशियम, विटामिन बी नाइन जैसे तत्व मौजूद होते हैं। कद्दू के बीज खाने से शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है। इस वजह से दवा बनाने में इसका उपयोग अधिक होता है।
- आयुष डॉ. प्रियंका सिंह
कड़ी चौकसी बरती जा रही है। सीमावर्ती क्षेत्र में संयुक्त गश्त होती है। सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाती है।
- अंकूर गौतम, नौतनवा क्षेत्राधिकारी