ठूठीबारी। मानसून के समय में चंदन नदी कटान स्थल पर स्लोप पिचिंग का काम कराया जा रहा है। विभाग की उदासीनता के कारण करोड़ों रुपये खर्च के बाद भी कटान स्थल पर पत्थर संरचना काम अब तक अधूरा है। इससे बाढ़ आने पर रिंग बांध की तरफ कटान का भय बना हुआ है। जबकि शासन का फरमान था कि बाढ़ से पहले चंदन नदी कटान स्थल को दुरुस्त कर लें।
जानकारी के अनुसार, निचलौल तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा ठूठीबारी गांव के पूरब चंदन नदी और पश्चिम झरही उर्फ प्यास नदी होकर बहती है। चंदन नदी मरचहवां गांव के समीप दो जगह, रामनगर श्मशान घाट और सोबडा, बैरीअहवां जाने वाले रिंग बांध के पास नदी के पश्चिमी छोर पर बीते वर्ष बाढ़ का पानी कटान करते हुए तेजी के साथ रिंग बांध की तरफ जा रहा था। मामले को संज्ञान में लेकर सिंचाई विभाग खंड दो की ओर से 140 मीटर हुए कटान को करीब चार करोड़ रुपये की लागत से स्लोप पिचिंग का काम कराया जा रहा था। दो दिनों से क्षेत्र समेत नेपाल के पहाड़ों पर भारी बारिश होने की वजह से चंदन नदी उफान पर आ गई और नदी कटान स्थल पर स्लोप पिचिंग पत्थर संरचना काम प्रभावित हो गया है।
क्षेत्र के विजय बहादुर गीरी, रामबचन गुप्ता ने कहा कि अगर समय से पहले बाढ़ से बचाव के काम कर लिए जाते तो हम लोगों को परेशानी नहीं होती। अगर बाढ़ आएगी तो काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। संजय साहनी, योगेंद्र ने कहा कि पता नहीं विभाग क्यों हर बार बारिश का इंतजार करता है। बोल्डर पिचिंग और रेनकट भरने का काम अगर समय से पहले हो जाए तो बाढ़ की विभिषिका ही नहीं झेलनी पड़ेगी। नवरत्न निगम ने कहा कि अगर समय रहते बोल्डर स्लोप पिचिंग का काम हो जाता तो दिक्कत नहीं होती।
कटान स्थल को दुरुस्त करने की समय सीमा 15 जुलाई थी लेकिन मरम्मत काम में लगने वाला मटेरियल ठेकेदार द्वारा समय से उपलब्ध न कराने के वजह से स्लोप पिचिंग कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। मौसम सही होते ही अधूरे कार्य को पूरा करा दिया जाएगा।
-रंजीत सिंह, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग खंड दो