भारत नेपाल बार्डर मुख्य प्रवेश द्वार ठूठीबारी के रास्ते राहगीरों की भीड़ ।
महराजगंज। नेपाल के रूपनदेही जिले में बीते सोमवार से लगातार चार दिन हिंसा कर्फ्यू के बाद शुक्रवार से स्थिति सामान्य है। शनिवार रविवार के बाद सोमवार को भी भारतीय पर्यटक बहुत कम नेपाल गए। जहां प्रतिदिन करीब पांच हजार पर्यटक नेपाल आते और जाते थे।
वहीं सोमवार को यह संख्या 100 के करीब रही। भैरहवा तक भारतीय दो एवं चार पहिया वाहनों को मिलने वाली फ्री पास की सुविधा भी अभी रोक दी गई है। पर्यटन के लिए जाने वाले सैलानी जाने से परहेज कर रहे हैं।
सोमवार को भैरहवा भंसार कार्यालय पर नेपाल से आने वाले पर्यटकों को लेने के लिए भारतीय गाड़ियों का जमावड़ा लगा था। लेकिन भारत से नेपाल जाने वाले पर्यटक बहुत कम थे। बनारस से लुंबिनी जाने वाली चार पर्यटक बसों में श्रीलंका के तीर्थ यात्री लुंबिनी के लिए रवाना हुए।
भैरहवा और आसपास जाने के लिए भारत से करीब एक 100 पर्यटक पहुंचे थे। जिन्हें भैरहवा तक जाने के लिए सुविधा पास नहीं मिला तो वह वापस आ गए। होटल एसोसिएशन के सीपी श्रेष्ठ ने बताया की हिंसा के बाद भारतीय पर्यटक का आना कम हुआ है। इधर सीमा पूरी तरह से खुल गई है। अब पर्यटकों को आने की उम्मीद है।
भारतीय पर्यटक सागर गुप्ता, विशाल रौनियार, विजय सिंह, रवि जायसवाल, रवि वर्मा निवासी सोनौली ने बताया कि वह अपने वाहन से नेपाल भैरहवा के लिए जा रहे थे लेकिन भंसार कर्मी भैरहवा के लिए भी भंसार कराने के लिए कह रहे हैं, अभी सुविधा पास नहीं बन रहा है। इसके कारण लौटना पड़ रहा है।
नेपाल भंसार विभाग के कर्मी नरेंद्र चौधरी ने बताया कि आगजनी के बाद भारतीय वाहनों के नेपाल प्रवेश में बाधा आई है। जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।