फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharajganj News: साहब ! घर में दो लोग रहते हैं, दो बल्ब जलते हैं, बिल आया छह हजार

Sun, 03 Aug 2025 01:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
विज्ञापन
सदर तहसील में फरियादियों की समस्या सुनते डीएम।संतोष कुमार ,एसपी सोमेंद्र मीणा।
विज्ञापन
महराजगंज। साहब! घर में पति-पत्नी ही रहते हैं। घर में केवल दो बल्ब ही जलते हैं। दो पंखें भी हैं। हैरानी की बात है कि बिल कभी छह हजार आता है तो कभी चार हजार। सुधार कराने के लिए विभाग का चक्कर लगाना पड़ता है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है।
विज्ञापन

यह समस्या नटवा गांव के मिस्त्री प्रसाद ने शनिवार को सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी को सुनाई। उन्होंने बताया कि दो साल से दौड़ रहा हूं। दो बार मीटर बदला चुका है। घर में पति और पत्नी रहते हैं। दो बल्ब और दो पंखा चलता है। पहले 150 से 200 तक रुपये महीना आता था। अचानक बढ़कर आने लगा। इससे परेशानी हो रही है। अधिक बिल कैसे जमा हो सकेगा। समस्या सुनने के बाद जिलाधिकारी ने समस्या के निस्तारित के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए।
इसी तरह रूधौली भावचक गांव निवासी पीड़ित रामसिद्ध ने बताया कि उनके गांव के पोखरे के पास स्थित बंजर जमीन पर गांव के ही कुछ दबंग लोगों की ओर से जबरन मकान बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह जमीन गांव की सार्वजनिक संपत्ति है, जहां हर वर्ष छठ पूजा होती है और वहीं भगवान शंकर का प्राचीन मंदिर भी स्थित है।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि 2024 से वे इस अवैध कब्जे के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल मौके पर जाकर जांच भी कर चुके हैं, लेकिन अब तक किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने अधिकारियों से मांग की कि जल्द इस धार्मिक स्थल की रक्षा की जाए और अवैध निर्माण को हटाया जाए। वहीं, पिपरा लाला गांव निवासी किशुन ने बताया कि उन्होंने फरवरी माह में अपनी बेटी की शादी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कराई थी।
विवाह के समय सरकार की ओर से निर्धारित सामग्रियां तो दी गई थीं, लेकिन योजना के अंतर्गत दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि अब तक उनके खाते में नहीं भेजी गई। किशुन ने बताया कि वे दर्जनों बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि योजना का लाभ आधा-अधूरा देकर विभाग ने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली, जबकि गरीबों को राहत देने के उद्देश्य से बनाई गई योजना में भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण पात्र वंचित रह जा रहे हैं। हरिरामपुर निवासी 75 वर्षीय वृद्ध रामबेलाश ने कहा कि पहले उनके बैंक खाते में नियमित रूप से वृद्धा पेंशन की राशि आती थी, लेकिन पिछले एक साल से पेंशन आनी बंद हो गई है।
इस संबंध में उन्होंने समाज कल्याण विभाग, तहसील कार्यालय और जनपद स्तर पर कई बार आवेदन दिया है, लेकिन कोई समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था में उनका कोई सहारा नहीं है और पेंशन ही उनका एकमात्र जरिया था। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने कहा कि जनता की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता से किया जाएगा।
उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लें और तय समय सीमा के भीतर उसका समाधान सुनिश्चित करें। डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा ने भी फरियादियों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इस मौके पर 41 मामले आये, जिनमें 10 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। अवशेष जनशिकायतों को संबंधित अधिकारियों को प्रेषित करते हुए जिलाधिकारी ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें