महराजगंज। शक्ति उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्र की शुरूआत 22 सितंबर से हो रही है। इस साल नवरात्र कई शुभ संयोग लेकर आ रहा है। पहले दिन को ब्रह्म योग, शुक्ल योग और महालक्ष्मी राजयोग खास बन बना रही है।
चतुर्थी तिथि दो दिन की होगी। माता दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा जो कि वृद्धि कारक माना जाता है वहीं मां का गमन डोली पर होगा। पहले दिन कलश स्थापना ब्रह्म योग व श्रीवत्स नामक फलदाई औदायिक योग में होगा। दो अक्तूबर को विजयादशमी पर मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन होगा। आर्यावर्त ज्योतिष केंद्र संस्थापक आचार्य लोकनाथ तिवारी बताया की नवरात्रि के दौरान घटस्थापना, अखंड ज्योति जलाना, देवी के मंत्रों का जाप, नवार्ण मंत्र का जप भोग अर्पण और कन्या पूजन जैसी विधियों का विशेष महत्व होता है। साथ ही, हर दिन माता के अलग-अलग स्वरूप की पूजा करने से भक्तों को विशेष फल प्राप्त होता है।