महराजगंज। थाना कोठीभार क्षेत्र के एक गांव में वर्ष 2016 में 19 वर्षीय युवती के साथ दुष्कर्म करने के मामले में हेमंत कुमार एवं दुष्कर्म में सहयोग करने वाली शांति देवी को दोषी पाया गया। अपर सत्र/ विशेष न्यायाधीश पीसी कुशवाहा ने धारा 376/120 बी आईपीसी के तहत सात वर्ष के सश्रम कारावास के साथ 45000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी फणींद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पीड़िता कोठीभार में रिपोर्ट दर्ज कराई की 11 मई 2016 को समय करीब 5:00 बजे शाम को वह घर पर अकेली थी। उसके गांव के ही रहने वाली शांति देवी पत्नी धीरेंद्र, अपने घर चारपाई उठाने के बहाने बुलाकर ले गई। जब वह उसके घर गई तो देखी कि वहां पहले से ही हेमंत मौजूद था, उसने उसे पकड़ लिया और शांति देवी ने दरवाजे को बाहर से बंद कर दिया। अभियुक्त हेमंत ने दुष्कर्म किया व धमकी दिया की कहीं यह बात कही तो जान से मार डालूंगा। 12 मई 2016 को थाना कोठीभार में केस दर्ज हुआ। विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया गया। आठ गवाहों को पेश कर सजा की मांग की। न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर यह सजा सुनाई है। संवाद