फैमिली आईडी व अन्यडाटा से किया जाएगा निर्धारण, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग को ऑटो फीडिंग का दायित्व
महराजगंज। वरिष्ठ नागरिकों को अब वृद्धावस्था पेंशन के लिए आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। विभाग ने इस योजना पर काम शुरू किया गया है। शासन के निर्देश पर एआई (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) से लैस एक ऐसा सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है जो खुद ही डाटा सत्यापन से उन लोगों का नाम-पता ऑनलाइन उपलब्ध उपलब्ध करा देगा जो आयु पूर्ण होने पर वृद्धावस्था पेंशन के दायरे में आ गए हैं। इस स्मार्ट सॉफ्टवेयर की मदद से अब वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन के लिए आवेदन करने की जरूरत नहीं रहेगी और न ही उन्हें भागदौड़ ही करनी होगी।
जनपद में 1,20,986 वरिष्ठ नागरिकों को वृद्धावस्था पेंशन मिलती है। इसमें 1,18,668 ग्रामीण क्षेत्र में तो 2,318 शहरी क्षेत्र के निवासी हैं। शासन की तरफ से इन्हें एक हजार मासिक पेंशन का प्रावधान है। पिछले वर्ष सरकार के निर्देश पर इन सभी को फैमिली आईडी से जोड़ा जा रहा। मौजूदा समय में सिर्फ 17,776 पेंशनधारकों को जोड़ना शेष है। इसके अलावा अन्य संदर्भों से भी जनपद के लोगों का डाटा किसान रजिस्ट्री, आयुष्मान योजना इत्यादि से संग्रहीत किया जा रहा है। डाटा संग्रहण के साथ अब एक ऐसा सॉफ्टवेयर प्रभावी कर दिया गया है जो ऑनलाइन डाटा की मदद से 60 वर्ष पूर्ण करने वाले लोगों का विवरण खुद ही देकर विभागीय कार्य आसान कर देगा। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों को भी आवेदन की जरूरत नहीं रह जाएगी।
लेखपालों की मनमानी पर भी लगेगी लगाम
वरिष्ठ नागरिकों को वृद्धावस्था पेंशन के लिए आय प्रमाणपत्र का अहम रोल होता है। इनकी वार्षिक आय 46 हजार से कम होती है। वही पेंशन के पात्र होते हैं। आय प्रमाणपत्र के लिए लेखपाल मनमानी करते हैं। इस नवाचार ने अब उनकी मनमानी नहीं चलेगी, क्योंकि डाटा के आधार पर ही लाभार्थी चिह्नित कर लिए जाएंगे।
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शासन की तरफ से फैमिली आईडी सभी के लिए तैयार कराई जा रही है। इस बीच एक नया एआई सॉफ्टवेयर उपलब्ध हुआ है जो ऑनलाइन डाटा के आधार पर पेंशन पात्रों का चयन कर विवरण उपलब्ध करा देगा। अभी ट्रायल प्रभावी किया गया है। जून तक इसका परिणाम बेहतर मिलने पर प्रभावी कर दिया जाएगा।
-कन्हैया यादव, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी