बसावनपुर मे रोहिन नहर पटरी पर स्थित चाय के दुकानदार को बृहस्पतिवार को दोपहर दो बजे नौतनवां एसडीएम ने पीट दिया। एसडीएम दुकानदार को मना करने के बाद भी झोपड़ी डालकर अतिक्रमण करने से नाराज थे। बचाव मे पहुंची दुकानदार की पत्नी और भाभी को हल्की चोट लग गई।
घटना से बौखलाए ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए सड़क जाम कर दिया और कानूनगो और लेखपाल को ढाई घंटे बंधक बनाए रखा। पुलिस के आश्वासन पर लोगों ने दोनों कर्मियों को जाने दिया और सड़क से हटे।
नौतनवा एसडीएम विक्रम सिंह दस दिन पूर्व नहर मार्ग से जा रहे थे। झोपड़ी डालने की तैयारी देखकर उन्होंनें अतिक्रमण नहीं करने की हिदायत दे गए थे। बावजूद इसके झोपड़ी डालकर दुकानदारी चलने लगी। शुक्रवार की दोपहर एसडीएम की गाड़ी वहां पहुंची।
उन्होंने दुकानदार अशोक से कहा कि मना करने के बावजूद अतिक्रमण क्यों किया और उसे डंडे से पीटने लगे। ग्रामीणों का आरोप है कि अशोक को बचाने मे उसकी पत्नी सुंदरावती और भाभी सुमित्रा को भी चोट लगी। पकौड़े आदि सामान बिखेरकर एसडीएम चले गए। जानकारी पाकर बौखलाए ग्रामीणों ने एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क जाम कर दी। इसी दौरान रास्ते जा रहे कानूनगो छविराज और लेखपाल फेंकू को ग्रामीणों ने रोक लिया। सूचना पाकर नौतनवा पुलिस मौके पर पहुंची।
तहरीर के अनुसार मुकदमा पंजीकृत करने के आश्वासन पर ग्रामीण माने और दोनो कर्मियों को जाने दिया। ग्राम प्रधान विमला देवी, नंदकिशोर यादव उर्फ परदेशी यादव, वलीउल्लाह, गिरिजेश यादव, दिलीप, प्रेमसागर, दिग्विजय, वलीम, परमशीला, दुर्गावती एवं इंद्रावती आदि ने कहा कि एसडीएम को दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए थी। लेकिन डंडे से पीटना अन्याय है जिसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
नौतनवा एसडीएम विक्रम सिंह का कहना है कि दुकानदार अतिक्रमण कर रहा था। कुछ दिन पहले उसे हटने के लिए कहा था। बावजूद नहीं हटा। बृहस्पतिवार को भी अतिक्रमण नहीं हटाने पर उसकी पिटाई की गई।