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Maharajganj News: शौचालय निर्माण में 13.74 लाख का घोटाला... साक्ष्य एकत्र कर रही पुलिस

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महराजगंज। लक्ष्मीपुर ब्लॉक के टेढ़ी गांव में 13.74 लाख रुपये के शौचालय निर्माण घोटाले के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। इस मामले में 19 मई को पूर्व ग्राम प्रधान कुसमावती देवी और दो तत्कालीन सचिवों, मिलिंद चौधरी और विवेकानंद राय के खिलाफ पुरन्दरपुर थाने में केस दर्ज है।
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जानकारी के अनुसार, बीते मंगलवार को विवेचक उप निरीक्षक संदीप कुमार यादव ने जिला पंचायत राज अधिकारी के कार्यालय से शौचालय निर्माण से जुड़े सभी अभिलेख तलब किया। इसे साक्ष्य के रूप में जुटाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले में साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, टेढ़ी गांव में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के लिए दी गई राशि का दुरुपयोग किया गया। कई लाभार्थियों के नाम पर राशि निकाली गई, लेकिन उनके घरों में शौचालयों का निर्माण नहीं हुआ। इस मामले में स्थानीय लोगों ने भी शिकायतें दर्ज कराई थीं, जिसके बाद प्रशासन ने जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि शौचालय निर्माण के लिए दी गई राशि का बड़ा हिस्सा हड़प लिया गया, जिसमें पूर्व ग्राम प्रधान और दोनों सचिवों की मिलीभगत सामने आई।
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पुलिस का कहना है कि इस मामले में साक्ष्य जुटाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी इस घोटाले में शामिल थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के घोटाले ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हैं। पुलिस का कहना है कि इस घोटाले में जिला स्तर से लेकर ब्लॉक स्तर तक के अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। जांच पूरी होने के बाद पंचायत राज विभाग के संबंधित अधिकारियों से क्रमबद्ध तरीके से पूछताछ की जाएगी।
जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया मिश्रा ने बताया कि लक्ष्मीपुर ब्लॉक के टेढ़ी गांव में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के लिए आवंटित धनराशि में बड़े पैमाने पर गबन का मामला सामने आया है।
इस घोटाले में सैकड़ों लाभार्थियों के नाम पर शौचालय निर्माण की राशि निकाली गई लेकिन धरातल पर कई शौचालयों का निर्माण ही नहीं हुआ। इस मामले में पूर्व ग्राम प्रधान कुसमावती देवी और तत्कालीन सचिव मिलिंद चौधरी और विवेकानंद राय पर गंभीर आरोप लगे हैं। उनके खिलाफ 19 मई को पुरन्दरपुर थाने में केस दर्ज हुआ था।
उधर पुरन्दरपुर कोतवाल मनोज कुमार राय ने बताया कि विवेचक उप निरीक्षक संदीप कुमार यादव इस मामले की जांच कर रहे हैं। विवेचक ने जिला पंचायत राज अधिकारी के कार्यालय में पहुंचकर शौचालय निर्माण से संबंधित सभी पत्रावलियों की जांच की। इन दस्तावेजों को साक्ष्य के रूप में एकत्र किया जा रहा है, जो जल्द ही न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएंगे।
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