महराजगंज। टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में एससी-एसटी टीचर्स वेलफेयर ने सोमवार को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम कार्यालय में सौंपा। शिक्षकों ने कहा कि जब 2009 में आरटीई लागू किया गया तो सभी शिक्षकों पर आदेश कैसे प्रभावी किया जा सकता है। सरकार हस्तक्षेप कर आदेश में संशोधन कराए।
संगठन जिलाध्यक्ष राम दुलारे ने कहा कि एक सितंबर 2025 को कोर्ट ने यह आदेश जारी किया कि टीईटी की अनिवार्यता सभी शिक्षकों के लिए है। जबकि अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर यह प्रभावी नहीं हो सकता। अगर यह उनके लिए भी अनिवार्य है तो शिक्षकों को नोटिस देकर सूचित क्यों नहीं किया गया कि उन्हें टीईटी अनिवार्यता के अंतर्गत लाया जा रहा है। महामंत्री अनिल कुमार ने कहा कि जब यूपी का संबंध इस मामले से नहीं है तो आखिर किस आधार पर यूपी के शिक्षकों पर यह फैसला थोपा जा रहा है। राज्य व केंद्र सरकार मामले में हस्तक्षेप कर संशोधन कराए अन्यथा संगठन उग्र आंदोलन करेगा। इस अवसर पर रामचंद्र कन्नौजिया, हरेराम, विनोद, वैजनाथ प्रसाद, धीरेंद्र, जैनेन्द्र, अनिरुद्ध, राजेश व अन्य शिक्षक मौजूद रहे।