महराजगंज। कलक्ट्रेट परिसर में सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर डीएम को ज्ञापन सौंपा। यूपीएमएसआरए के सचिव गिरिजेश कुशवाहा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में कर्मचारियों ने नियोक्ताओं द्वारा अपनाई जा रही अनुचित श्रम प्रथाओं का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि सरकारी कार्रवाई के अभाव में एसपीईएस अवैध स्थानांतरण, काम रोकने और बर्खास्तगी का शिकार हो रहे हैं। नियोक्ता फर्जी मुद्दे बनाकर वेतन और यात्रा खर्च का भुगतान करने से इनकार कर रहे हैं, जो बिक्री संवर्धन कर्मचारी अधिनियम और अन्य श्रम कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि नियोक्ता नियमित रूप से उन्हें धमकाते और अपमानित करते हैं। यूनियन नेताओं और श्रमिकों के विरोध के लोकतांत्रिक अधिकार को दबाने के लिए झूठी पुलिस शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं। ज्ञापन में 20 से अधिक मांगें रखी गई हैं, जिनमें प्रमुख हैं चार श्रम संहिताओं को निरस्त करना और मौजूदा श्रम कानूनों को जारी रखना, फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट पर रोक, छंटनी और स्थानांतरण न करने की गारंटी, समय पर पूरा वेतन भुगतान, बिक्री संवर्धन कर्मचारी अधिनियम 1976 का सख्त पालन। इसके अलावा, एफएमआरएआई के साथ चर्चा कर वैधानिक कार्य नियम बनाने की मांग की गई।
मांगों में न्यूनतम वेतन 26,910 रुपये प्रति माह, ईपीएस पेंशनभोगियों के लिए न्यूनतम 9,000 रुपये पेंशन, 8 घंटे कार्य दिवस की अनुसूची, अस्पतालों में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के काम पर प्रतिबंध हटाने, ट्रेड यूनियनों के अधिकारों की रक्षा शामिल हैं। स्वास्थ्य से जुड़ी मांगों में दवाओं पर जीएसटी शून्य करना, जीडीपी का 5 प्रतिशत स्वास्थ्य पर आवंटित करना, दवाओं की कीमतों पर नियंत्रण, कॉर्पोरेट भ्रष्टाचार रोकने के लिए विपणन कोड, दवाओं की ऑनलाइन बिक्री बंद करने की अपील की गई। ज्ञापन सौंपने के दौरान अमित उपाध्याय, अखिलेश शर्मा, राकेश यादव, मो. आसिफ, शनि कुमार, राज मद्धेशिया, विजय नंदन मौजूद रहे।