अनुपस्थित डॉक्टरों एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का एक दिन का वेतन बाधित किया गया
फार्मासिस्ट रमेश चंद्र गुप्ता एवं एएनएम सुनीता का भी वेतन रोका गया
महराजगंज। जिले में आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से गठित विशेष टीम ने रविवार को विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में दो केंद्रों पर दो डॉक्टर व दो स्वाथ्यकर्मी अनुपस्थित मिले। सभी का एक दिन का वेतन बाधित कर दिया गया है।
रविवार को स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम ने सबसे पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोड़हवल का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान यहां तैनात डॉ. एसएन राम, फार्मासिस्ट रमेश चंद्र गुप्ता एवं एएनएम सुनीता अनुपस्थित मिले। वहीं लैब टेक्नीशियन गौरव साहू सीएल (आकस्मिक अवकाश) पर थे। केंद्र पर केवल वार्ड बॉय उपस्थित मिला। निरीक्षण के समय पीएचसी पर कोई भी मरीज मौजूद नहीं था जबकि मुख्यमंत्री आरोग्य मेले के तहत ग्रामीणों को निशुल्क जांच व उपचार की सुविधा देने के लिए शिविर का आयोजन करना था।
इसके बाद विशेष टीम ने बजही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का निरीक्षण किया। यहां डॉ. सौरभ अनुपस्थित पाए गए। हालांकि फार्मासिस्ट मधुरेन्द्र, एएनएम मंजू मौर्या, लैब टेक्नीशियन सेवेश नाथ मिश्र एवं स्वीपर भोपाली उपस्थित मिले। बजही पीएचसी पर कुल ओपीडी मात्र एक रही। वहीं लैब जांच शून्य रही और एनसीडी (गैर संचारी रोग) से संबंधित सेवाएं भी शून्य पाई गईं, जिससे मेले की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लग गया। निरीक्षण करने वाली टीम में नामित पर्यवेक्षक डॉ. दयानंद सिंह ने दोनों पीएचसी की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौंप दी। रिपोर्ट के आधार पर सीएमओ डॉ. नवनाथ प्रसाद ने कड़ा रुख अपनाते हुए अनुपस्थित डॉक्टरों एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का एक दिन का वेतन बाधित कर दिया है। अनुपस्थित कर्मियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।