महराजगंज। सीएमओ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक समेत तीन डॉक्टरों व 12 कर्मियों का अप्रैल का वेतन रोक दिया। ये सभी कर्मी निरीक्षण के दौरान समय से अस्पताल में उपस्थित नहीं मिले थे। इनमें शामिल एक डॉक्टर व दो एएनएम 12 अप्रैल को भी गैरहाजिर रहे। सीएमओ ने सभी से स्पष्टीकरण मांगा है। सटीक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
बीते 13 अप्रैल के अंक में अमर उजाला में दो घंटे तक डॉक्टर का इंतजार करती रही प्रसव पीड़िता, शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी। लाइव रिपोर्ट में अस्पताल के अलग-अलग अनुभाग में खामियों को बताया गया। मरीजों को होने वाली समस्याओं को दर्शाती हुई रिपोर्ट को सीएमओ ने संज्ञान लेकर बृहस्पतिवार को अचानक सीएचसी सदर की जांच करने पहुंचे। जांच के दौरान हकीकत देखकर दंग रह गए। उन्होंने कहा कि सभी कर्मी दायित्व के प्रति सजग रहे। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बृहस्पतिवार की सुबह 9.30 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सदर का औचक निरीक्षण सीएमओ डॉ. श्रीकांत शुक्ला ने किया। इस दौरान अधीक्षक डॉ. उमेश चंद्रा, डाॅ. रोमा गुमा, डाॅ. जितेंद्र कुमार चौहान, शबनम बानो उपचारिका, विकास कुमार, डाॅ. पुनिता, आयुष चिकित्सक, बविता भारती, उपचारिका, पूजा पांडेय, उपचारिका, शलिनी श्रीवास्तव आरबीएमके, सावित्री यादव, उपचारिका, विकास श्रीवास्तव फिजियोथेरेपिस्ट, कृष्णकांत, आपट्रोमेटिस्ट्र, महेंद्र यादव, बार्ड बॉय, अखिल कुमार, डाटा इंट्री ऑपरेटर, ज्योति दाई, आशुतोष द्विवेदी, एमपीडब्लू अनुपस्थित मिले।
इस सभी का अप्रैल माह का वेतन रोक दिया है। इनसे स्पष्टीकरण तलब किया गया है। वहीं 12 अप्रैल को पूजा पांडेय, उपचारिका, सुनीता श्रीवास्तव उपचारिका, डॉ. रोमा अनुपस्थित रहीं। इनका अप्रैल का वेतन रोकते करते हुए स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीकांत शुक्ला ने बताया कि जांच के दौरान कर्मियों की लापरवाही सामने आई है। सभी कर्मियों को चेतावनी दी गई है। दायित्व के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि शासन की मंशा के अनुसार मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलनी चाहिए। जिले में सभी डॉक्टरों को निर्देशित किया गया है कि समय से अस्पताल में उपस्थित रहकर मरीजों का इलाज करें।