महराजगंज। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के निर्देशानुसार सेटेलाइट के जरिए पराली जलाने वालों की निगरानी की जा रही है। मंगलवार को उप कृषि निदेशक ने बागापार में बिना स्ट्रा रिपर के चल रही कंबाइन को सीज कर दिया। इसके साथ ही तीन सहायक विकास अधिकारी कृषि का जहां वेतन बाधित कर दिया गया है। वहीं दो लेखपालों को लापरवाही बरतने पर कारण बताओ नोटिस जारी की गई।
सभी कार्रवाई डीएम अनुनय झा के निर्देश पर उप कृषि निदेशक वीरेंद्र कुमार सिंह ने की है। कोल्हुई में नायब तहसीलदार व एडीओ कृषि बृजमनगंज ने पिपरा परसौनी निवासी विष्णु नरायन की व बरवा राजा में तहसीलदार सदर ने एक-एक कंबाइन एसएमएस न होने के कारण सीज कर दिया। 35 किसानों पर पराली जलाने के आरोप में 1,75,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
कृषि अवशेष जलाने पर एनजीटी के रोक के बाद भी जनपद में पराली धड़ल्ले से जलाया जा रहा है। प्रशासन इसपर रोक लगाने के लिए गांव-गांव सचिव व लेखपालों की ड्यूटी भी लगी है, लेकिन उनकी लापरवाही के कारण विभाग को पराली जलाने की त्वरित सूचना नहीं मिल पा रही। लापरवाही पर कुल पांच पर कार्रवाई हुई है। सुपर स्ट्रा रिपर न लगाने के कारण तीन कंबाइन मशीनों को सीज कर दिया गया। मंगलवार की कार्रवाई के बाद जिले में अबतक आठ कंबाइन मशीनों को सीज किया जा चुका है। इसके अलावा पांच किसानों पर निरोधात्मक कार्रवाई की गई। निचलौल में सात के विरुद्ध 130 बीएनएसएस की कार्रवाई व पांच को कारण बताओ नोटिस दिया गया। फरेंदा में पराली जलाने के मामले में 86 किसानों को नोटिस एवं 11 के विरुद्ध जुर्माना की कार्रवाई हुई।
नौतनवां में 5 किसानों को नोटिस : उप कृषि निदेशक ने चेतावनी दी है कि सभी कर्मी पराली जलाने की निगरानी व रिपोर्ट प्राथमिकता के आधार पर भेजें। कंबाइन संचालक यथाशीघ्र अपने कंबाइन में सुपर स्ट्रा रिपर लगवा लें। उदासीनता बरतने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।