पड़ताल के बाद डग्गामार बसों की हकीकत आई सामने
संगठित सिंडिकेट नियोजित तरीके से कर रहा बसों का संचालन
सोनौली। बलरामपुर में हुए हादसे के बाद भी जिम्मेदार सबक नहीं ले रहे हैं। सोनौली कस्बे से दिल्ली जा रही बसों में सुरक्षा मानकों को दरकिनार किया जा रहा है। कस्बे से संचालित तमाम बसों में अग्निशमन यंत्र के साथ ही आपातकालीन खिड़की भी नहीं रहती है। पड़ताल के दौरान बसों में यात्री सुरक्षा को लेकर इंतजाम की हकीकत सामने आ गई। सुरक्षा के इंतजाम अपर्याप्त हैं लेकिन जिम्मेदार मामले को लेकर उदासीन बने हुए हैं।
सोनौली बॉर्डर से दिल्ली, महाराष्ट्र, बेंगलोर, हैदराबाद सहित कई राज्यों के लिए अवैध रूप से बसों का संचालन किया जा रहा है। टूरिस्ट परमिट वाली उक्त बसें नेपाल से भी यात्रियों को लेकर जा रही हैं। इन बसों में फिटनेस के अलावा आपातकालीन खिड़की, अग्निशमन यंत्र तक का भी इंतजाम नहीं रहता है। पिछले कुछ वर्षों से सोनौली में डग्गामार बसों का अवैध संचालन तेजी से बढ़ा है। पहले ये बसें केवल सोनौली के प्राइवेट स्टैंड से चलती थीं लेकिन अब एक संगठित सिंडिकेट इन बसों को नेपाल ले जाकर सवारी भरवा रहा है। ये बसें बिना किसी रोक-टोक के भारत में प्रवेश कर दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद जा रही हैं। यह व्यवस्था न केवल मैत्री बस संचालन एवं परिवहन नियमों का उल्लंघन करती है बल्कि सीमा सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा बन गई हैं।
सूत्रों की मानें तो सीमा पर सों की जांच समय पर नहीं हो रही है और यात्रियों के दस्तावेजों की औपचारिक पड़ताल भी नहीं की जा रही है। नेपाल से बगैर जांच आने वाली बसें प्रतिबंधित सामान, अवैध वस्तुओं की तस्करी के अलावा संदिग्ध तत्वों के आवागमन का साधन बन सकती हैं। साथ ही अन्य सामान्य यात्रियों के लिए परेशानी का सबब भी हैं।
कुछ बसें नेपाल के बुटवल और भैरहवा से सवारी भर कर आ रही हैं और कुछ सोनौली में बनी पार्किंग से सवारी लेकर दिल्ली जा रही हैं। कुछ बसों में देखा गया कि आपातकालीन खिड़की नहीं थी र अग्निशमन यंत्र भी नहीं मिले। यात्री धनश्याम, दीपक पोखरेल, अर्जुन गयवाली, रोशन थापा निवासी बुटवल और गुल्मी ने बताया कि टिकट बुटवल में ही काट लिया गया था। अब तो इसी बस में जाने की मजबूरी है। बड़े सिंडिकेट की मिलीभगत से यह अवैध परिवहन फल-फूल रहा है। उनका आरोप है कि सिंडिकेट के लोग बसों को नेपाल ले जाकर सवारी जुटाते हैं और फिर सीधे भारत में दाखिल कर देते हैं। एआरटीओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अभियान चला कर ऐसी बसों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद डिटेल खंगाल रही नेपाल पुलिस
सोमवार की रात सोनौली से दिल्ली जा रही एक निजी बस के ट्रक से टकराने के बाद बस में आग लग गई। हादसे में तीन यात्रियों की मौत हो गई और 25 यात्री गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया, कई की हालत नाजुक बताई जा रही है। हादसे के बाद नेपाल से उक्त बसों में सवारों के परिजनों को संचार माध्यम से मिली जानकारी के बाद नेपाल बेलहिया पुलिस भी सोनौली पुलिस से संपर्क कर यात्रियों की डिटेल ले रही है। बस में अग्निशमन उपकरण और आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) नाम मात्र का था।
सरकारी राजस्व को हो रहा नुकसान
अवैध या मानक के विपरीत बसों के संचालन से सरकारी राजस्व को भी भारी नुकसान हो रहा है। बावजूद इसके, सोनौली से ऐसी बसें खुलेआम संचालित हो रही हैं। मामले में प्रशासन का कोई ठोस कदम नजर नहीं आ रहा है। नेपाली नागरिकों के परिजनों ने दुर्घटना के बाद एक बार फिर मांग उठाई है कि सोनौली बॉर्डर से चलने वाली दो दर्जन से अधिक डग्गामार बसों की नियमित फिटनेस जांच, परमिट सत्यापन और सुरक्षा मानकों की कड़ाई से समीक्षा की जाए ताकि भविष्य में ऐसी जानलेवा घटनाओं को रोका जा सके।