कोल्हुई। स्थानीय थाना क्षेत्र के गांव पंचायत शिकारगढ़ में शिव मंदिर पर दुर्लभ रुद्राक्ष का पेड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पेड़ पर इस बार अधिक मात्रा में फूल आने से फल आने की संभावना ज्यादा बढ़ गई है।
बताया गया है कि भक्त रोजाना इस पेड़ की पूजा करते हैं। शिव भक्त रामनयन वरूण गमले में रुद्राक्ष रखकर पूजा अर्चना करते थे, जहां रुद्राक्ष अंकुरित हो गया। इसके बाद अंकुरित पौधे को शिव मंदिर के सामने लगा दिया गया, जिसने आज बड़े वृक्ष का स्वरूप ले लिया है। पहली बार इसमें कम फल लगे थे, लेकिन इस वर्ष ज्यादा फूल आने से अधिक फल लगने की संभावना जताई जा रही है।
शिवमंदिर के मुख्य पुजारी चीनक दास फल की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में यह पेड़ बहुतायत मात्रा में पाया जाता है। मार्केट में इसका फल महंगे दाम पर बिकता है। धार्मिक दृष्टिकोण से इस फल को धारण करने वालों पर भगवान शिव बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं। प्रायः एक मुखी से लेकर 15 मुखी तक के फल एक ही पेड़ में लगते हैं।
वन विभाग को ऐसे दुर्लभ प्रजाति के वृक्ष के ऊपर शोध करने की आवश्यकता है, ताकि क्षेत्र के किसान व्यवसायिक रूप में इस पौधे का रोपड़कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकें। संवाद