महराजगंज। आरटीई के तहत अपने स्कूलों में प्रवेश देने वाले स्कूल सरकार से शुल्क की प्रतिपूर्ति अब आसानी से नहीं प्राप्त कर सकेंगे। शासन ने निजी स्कूलों को आरटीई शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए ऑनलाइन उपस्थिति की फीडिंग अनिवार्य कर दिया है।
बेसिक शिक्षा परिषद की तरफ से इसके लिए पोर्टल विकसित करते हुए निजी स्कूलों को यूजर नेम व पासवर्ड की उपलब्धता कराई है। 15 अगस्त के बाद प्रतिदिन इसे अपडेट करना अनिवार्य करते हुए आदेश पत्र जारी किए गये हैं।
शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत प्रत्येक निजी स्कूल को अपने यहां की 25 फीसदी सीटों पर कमजोर आय वर्ग के बच्चों को अनिवार्य प्रवेश देने का नियम प्रभावी है। शिक्षा सत्र समाप्ति के बाद शुल्क प्रतिपूर्ति शासन से दिया जाता है, लेकिन इस बार शुल्क प्रतिपूर्ति पाना निजी स्कूलों के लिए आसान नहीं है।
विभाग ने ऑनलाइन अटेंडेंस का एआई फीचर आरटीई वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया है। इसपर रोजाना आरटीई के तहत जिन बच्चों को प्रवेश दिया गया है उनकी हाजिरी निजी स्कूलों को अनिवार्य रूप से अपडेट करना है।
इसके लिए विभाग ने निजी स्कूलों को यूजर नेम और पासवर्ड देते हुए निर्देश पत्र समग्र शिक्षा से प्राप्त निर्देश क्रम में जारी कर दिया है। 16 अगस्त 2025 से इसपर उपस्थिति अपडेट करने में लापरवाही बरती गई तो स्कूल शुल्क प्रतिपूर्ति पाने से वंचित हो जाएंगे।