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Maharajganj News: तीन वर्षों से अधूरी पड़ी सड़क, आधे हिस्से पर गिट्टियां बिछाकर भूल गए जिम्मेदार

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जंगल गुलहरिया से चानकी घाट जंगल मार्ग अधूरा।
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लक्ष्मीपुर व सदर ब्लॉक को जोड़ने वाली वनमार्ग की स्थिति बदहाल, मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट पर उठे सवाल
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करीब तीन किमी तक सड़क पर गिट्टियां बिछाकर छोड़ दिया गया है काम
लक्ष्मीपुर। वनग्रामों को मुख्य सड़क से जोड़ने के उद्देश्य से राज्य सड़क निधि योजना के तहत शुरू किया गया सड़क निर्माण कार्य तीन वर्ष बाद भी अधूरा है। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल इस योजना के तहत लक्ष्मीपुर रेंज के राजस्व वन ग्राम कानपुर दर्रा को पीडब्ल्यूडी मार्ग से जोड़ने के लिए 6.5 किलोमीटर इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया जाना था।
488.19 लाख रुपये लागत की इस सड़क के तीन किलोमीटर हिस्से में केवल गिट्टियां बिछाकर काम छोड़ दिया गया है। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शिलान्यास पट्टिका के अनुसार, इस सड़क का शिलान्यास नौ अप्रैल 2023 को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किया गया। परियोजना की कार्यदायी संस्था वन विभाग महराजगंज है। ग्रामीणों का कहना है कि बड़े-बड़े दावों के साथ शुरू हुई यह योजना अब लापरवाही की भेंट चढ़ गई है।
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जानकारी के अनुसार, इस सड़क का उद्देश्य जंगलों में बसे वनग्राम कानपुर दर्रा और बेलौहा दर्रा के लोगों को मुख्य मार्ग से जोड़ना था ताकि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित हो सके। शुरुआती चरण में चानकी घाट से गंगापुर तक इंटरलॉकिंग का कार्य पूरा कर दिया गया लेकिन गंगापुर से जंगल गुलहरिया तक लगभग तीन किलोमीटर मार्ग अधूरा छोड़ दिया गया। बीच-बीच में निर्माण गतिविधि दिखाई देती है लेकिन कुछ दिनों बाद फिर काम बंद हो जाता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क पर बिखरी गिट्टियों के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। गर्मी में उड़ती धूल लोगों को परेशान करती है जबकि बरसात में यही मार्ग दलदल और फिसलन में बदल जाता है। दोपहिया वाहन अक्सर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं और कई बार एंबुलेंस जैसी आवश्यक सेवाएं भी गांव तक नहीं पहुंच पातीं। इससे मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को समय पर उपचार मिलना कठिन हो जाता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अधूरी सड़क का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। बच्चों को रोज गिट्टियों और खराब रास्ते से होकर विद्यालय जाना पड़ता है। वहीं किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीण सुरेश चन्द सहानी, लक्ष्मीचंद पटेल दीनानाथ, बैजनाथ, बेचन, नंदलाल, ज्योतिचन्द, वेदप्रकाश, सत्यप्रकाश, दिनेश और नन्हेलाल सहित अन्य लोगों ने बताया कि वे कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण पूरा कराने की मांग कर चुके हैं लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है।
ग्राम पंचायत टेढ़ी बेलौहा दर्रा और कानपुर दर्रा की ग्राम प्रधान कुसमावती ने भी बताया कि उन्होंने कई बार ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखकर निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने की मांग की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क पूरी नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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वर्जन
मामले की जांच कराई जाएगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।

- नवीन कुमार, एसडीएम नौतनवा
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