सोनौली बॉर्डर से रोजाना 30 हजार पर्यटकों की होती है आवाजाही
जांच के नाम पर वसूली और अभद्रता के मामले से पर्यटकों में बढ़ी नाराजगी
सोनौली। नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा सोनौली बॉर्डर से नेपाल जाने वाले भारतीय पर्यटकों के साथ कथित दुर्व्यवहार और अवैध वसूली की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में पर्यटक अब नेपाल जाने से कतराने लगे हैं। हालांकि स्थानीय प्रशासन इन आरोपों से इनकार कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, सोनौली सीमा के रास्ते प्रतिदिन करीब 30 हजार भारतीय पर्यटक नेपाल में प्रवेश करते हैं। इनमें दोपहिया और चारपहिया वाहनों से जाने वाले पर्यटकों की संख्या भी काफी अधिक है। सीमा पार करते ही जांच के नाम पर एजेंसियों द्वारा पर्यटकों से अवैध वसूली और अभद्र व्यवहार किए जाने के मामले इन दिनों बढ़े हैं। पर्यटकों का कहना है कि रास्ते में कई स्थानों पर उन्हें रोका जाता है, गाड़ियों में छोटी-छोटी कमियां निकालकर परेशान किया जाता है और रुपयों की मांग की जाती है। इतना ही नहीं, नेपाल के कई होटल और पर्यटन स्थलों पर भी भारतीय पर्यटकों के साथ खराब व्यवहार किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। कई पर्यटकों ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि इस तरह के अनुभव के कारण वे दोबारा नेपाल जाने से बच रहे हैं।
टूर ऑपरेटरों का भी कहना है कि अगर यही स्थिति बनी रही तो पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आ सकती है। नेपाल का पर्यटन क्षेत्र काफी हद तक भारतीय पर्यटकों पर निर्भर है। जब भारतीय पर्यटक नेपाल नहीं जाते, तो वहां के होटल, हिल स्टेशन और अन्य पर्यटन स्थल सूने पड़ जाते हैं। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का मानना है कि यदि नेपाली प्रशासन और पर्यटन पुलिस ने इस समस्या पर जल्द ध्यान नहीं दिया, तो इसका गंभीर असर नेपाल के पर्यटन उद्योग पर पड़ सकता है। पर्यटन से जुड़े लोगों ने नेपाली प्रशासन से मांग की है कि भारतीय पर्यटकों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार और अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाई जाए, ताकि दोनों देशों के बीच पर्यटन संबंध बेहतर बने रहें।
नई सरकार बनने के बाद बढ़ी सख्ती
नेपाल में नियमों के अनुसार पर्यटक के पास पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और आधार कार्ड होना चाहिए। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, पूर्व के किसी नियम में बदलाव नहीं किया गया है। पुराने नियमों का ही पालन कराया जा रहा है। भारत से नेपाल जाने के दौरान भारतीय और नेपाल में भी चेकिंग के दौरान आईडी की जांच होती है। वापस आने के दौरान भारतीय सीमा में आईडी होना अनिवार्य है। नेपाल जाने वाले लोगों को अपने पास इन कागजात को जरूर रख लेना चाहिए।
वर्जन
नेपाल में घूमने के लिए कई अच्छे स्थान हैं। लेकिन किसी भी तरह की दिक्कत से बचने के लिए आईडी कार्ड लेकर जाना चाहिए। साथ ही स्थानीय नियमों का पालन करना चाहिए।
-संजीव जायसवाल, सोनौली
नेपाल में भारतीय पर्यटकों से दुर्व्यवहार की घटना चिंताजनक है। इस समय जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है उससे नेपाल जाने में डर लग रहा है।
-संतोष पांडेय, नौतनवा
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पर्यटकों के साथ किसी प्रकार की दुर्व्यवहार की शिकायत नहीं मिली है। पर्यटकों द्वारा शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
-कृष्णा कुमार चंद, भैरहवा डीएसपी
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हाल ही में सड़क साफ कराने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि कोई नियम उल्लंघन होता भी है तो पर्यटकों से इस तरह का व्यवहार करना उचित नहीं है। दंड के अन्य वैधानिक तरीके हो सकते हैं, लेकिन इस प्रकार की कार्रवाई से गलत संदेश जाता है। पूरे मामले की जानकारी नेपाल पर्यटन मंत्रालय को दी जाएगी।
-श्रीचन्द्र गुप्ता, पर्यटन कारोबारी
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नेपाल आने वाले भारतीय पर्यटकों को सामान्यतः अच्छी सुविधाएं और सम्मान दिया जाता है। यह शिकायत मिली है कि रास्ते में सुरक्षा एजेंसियां कागजात और वाहन जांच के नाम पर पर्यटकों को परेशान कर रही हैं। एसोसिएशन इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए उच्च अधिकारियों से मुलाकात कर औपचारिक शिकायत दर्ज कराएगा।
-सीपी श्रेष्ठ, अध्यक्ष, होटल एसोसिएशन
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नेपाल में भारतीय पर्यटकों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। खास तौर पर भारतीय वाहनों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे पर्यटकों में नाराजगी बढ़ रही है। यदि यही स्थिति रही तो नेपाल जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आ सकती है, इसका सीधा असर वहां के पर्यटन व्यवसाय पर पड़ेगा।
-सुभाष जायसवाल, अध्यक्ष, व्यापार मंडल सोनौली