रोवर मशीन के उपयोग से मिनटों में निपटेगा घंटों का काम
कार्य में पारदर्शिता, सरलता और सुगमता के साथ ही आसान होगी पैमाइश
नौतनवा। तहसील मुख्यालय को रोवर मशीन की सौगात मिलने से अब राजस्वकर्मियों को सुविधा मिलेगी। इस मशीन से घंटों का काम मिनटों में हो सकेगा। शासन स्तर से छह लाख रुपये की लागत से निर्मित इस मशीन को भूमि सीमांकन के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए तहसील को सौंपा गया है।
रोवर मशीन मिलने के बाद अब राजस्वकर्मी न सिर्फ हाईटेक विधि से भूमियों का सीमांकन कर सकेंगे बल्कि सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें हस्तलिखित फील्ड बुक बनाने में भी सुविधा होगी। रोवर मशीन प्रक्रिया पूरी होते ही स्वतः अपनी डिजिटल फील्ड बुक भी तैयार कर देगा।
रोवर मशीन की सेटिंग करने के दौरान लेखपाल रमेश गुप्ता, विक्की सहानी, कृष्णगोपाल, राहुल शर्मा, मंजूर अली, चूड़ा मणि, अजय पटेल, विनोद पटेल, दीपचंद ने बताया कि वर्तमान में समय पर और सटीक एवं शुद्ध भूमि की सीमांकन के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।
रोवर मशीन की उपलब्धता के बाद अब विपरीत मौसम, भूमि में जलभराव, आबादी भूमि, खेत में खड़ी फसल समेत सामने आने वाली अन्य बाधाएं भी सीमांकन कार्य को प्रभावित नहीं कर सकेंगी। इससे समय की बचत होने के साथ ही मशीन से भूमि का सीमांकन उभय पक्षों के बीच विवाद की स्थिति भी नहीं उत्पन्न होने देगी।
तहसीलदार कर्ण सिंह का कहना है कि तहसील को सीमांकन हेतु फिलहाल एक रोवर मशीन मिली है। जल्द ही और भी मशीनें मिलेंगी। कानूनगो और लेखपालों को रोवर मशीन चलाने का पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अब धरातल पर इसके उपयोग से सीमांकन की प्रक्रिया पारदर्शी, सटीक और सरल होगी।