महराजगंज। 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों का पीछा बढ़ते तापमान में भी बुखार जल्दी नहीं छोड़ रहा। नियमित दवा व परहेज के बाद भी बच्चों को बुखार से दूर करने में 15 से 20 दिन लग रहे हैं।
शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में बुखार व खांसी की समस्या के कुल 13 मरीज पहुंचे, लेकिन नौ बच्चे थे जिनकी दवा व परहेज का अनुपालन एक सप्ताह से कराया जा रहा है। बावजूद दवाओं के असर तक ही बुखार दूर रहता है असर खत्म होते ही गिरफ्त में ले रहा।
खांसी और फ्लू के साथ बुखार की समस्या के लिए नवंबर से मार्च तक का समय संवेदनशील होता है, लेकिन इन दिनों बढ़े तापमान के बीच भी बुखार का प्रकोप बरकरार है। इन दिनों होने वाला बुखार जल्दी पीछा भी नहीं छोड़ रहा और ठीक होने में समय लग रहा है। शनिवार को ओपीडी में आठ वर्ष के बेटे को दिखाने पहुंची पकड़ी नौनिया की आरती ने बताया कि पिछले सप्ताह बुखार का दवा दिखाकर ले गई, लेकिन बुखार अभी भी आ रहा।
इसी तरह की समस्या सात वर्ष की बेटी को लेकर आए रंजीत पटेल ने भी बताई। इन बच्चों का उपचार कर रहे डाॅ. रंजन मिश्रा ने बताया कि इन दिनों बढ़े तापमान के कारण वायुमंडल की नमी कम होने और कृषि अवशेष जलाने इत्यादि से श्वसन में असुविधा हो रही है। छोटे बच्चे जिनकी आयु 10 वर्ष से कम होती है उनके फेफड़ों में संक्रमण व श्वांस नली में सूजन की समस्या से बुखार व खांसी साथ शुरू हो रहा है।
दवा और परहेज के बाद भी यह तब तक ठीक नहीं हो रहा जब तक श्वसन नली की सूजन सही नहीं होती। इसमें लगभग 15 दिन दवा सेवन के बाद भी लग रहे हैं। प्रभावित बच्चों को दवा के साथ ठंडे खाद्य पदार्थों से दूर रहने व गुनगुने पानी से गरारा करने की सलाह दी जा रही है, जिससे सूजन जल्दी समाप्त हो।