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Maharajganj News: तथ्य छिपाकर नहीं हो सकेगी रजिस्ट्री, अपलोड करनी होगी आसपास की फोटो

Mon, 07 Apr 2025 12:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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महराजगंज। अब जमीन या मकान की रजिस्ट्री के लिए संपत्ति के साथ-साथ उसके आसपास 200 मीटर की त्रिज्या में मौजूद निर्माण की जियो टैग फोटो लगानी होगी। यदि दस्तावेजों में इस नियम का पालन नहीं किया गया तो रजिस्ट्री प्रक्रिया रोक दी जाएगी। यह सख्त नियम केवल नगरीय क्षेत्रों में ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लागू होगा। इस बदलाव से जमीन व आवासीय संपत्तियों की रजिस्ट्री में तथ्य छिपाने पर रोक लगेगी।
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जानकारी के अनुसार, स्टांप चोरी पर अंकुश लगाने और राजस्व में बढ़ोतरी के उद्देश्य से शासन की ओर से यह निर्देश जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि रजिस्ट्री के दौरान संपत्ति की फोटो लगाने का नियम पहले से था, लेकिन कुछ लोग ऐसे फोटो संलग्न कर देते थे, जिससे यह पहचानना मुश्किल हो जाता था कि वह फोटो उसी संपत्ति की है या किसी अन्य स्थान की।

अब इस समस्या को दूर करने के लिए संपत्ति की 200 मीटर की त्रिज्या के निर्माण को जियो टैग फोटो के रूप में प्रस्तुत करना अनिवार्य कर दिया गया है। यह नया नियम सरकार को होने वाली राजस्व हानि को रोकने में सहायक सिद्ध होगा। कई बार जमीन की वास्तविक स्थिति और उसके उपयोग को छिपाकर कम स्टांप शुल्क देकर रजिस्ट्री कराई जाती थी। अब संपत्ति के साथ आसपास के 200 मीटर के क्षेत्र की तस्वीर लगेगी तो कोई भी तथ्य छिपाना आसान नहीं होगा। इस नए निर्देश को शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में समान रूप से यह व्यवस्था लागू की जाएगी। अब गांव में भी जमीन की खरीद-फरोख्त के समय 200 मीटर की परिधि के निर्माण की तस्वीरें देना अनिवार्य होगा। इस व्यवस्था से फर्जीवाड़ा रोकने और पारदर्शिता लाने में मदद मिलेगी।
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आईजी स्टांप आलोक कुमार शुक्ला ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति या समूह इस नियम का पालन नहीं करता है या फर्जी फोटो संलग्न कर रजिस्ट्री कराने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संबंधित उप निबंधकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस प्रक्रिया की सख्ती से निगरानी करें और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करें। उन्होंने बताया कि इस नए नियम के बारे में अधिवक्ताओं एवं दस्तावेज लेखकों को भी अवगत कराया जा रहा है ताकि वे अपने ग्राहकों को पहले से इस प्रक्रिया की जानकारी दे सकें और रजिस्ट्री के समय कोई समस्या न हो। सभी उप निबंधक कार्यालयों को इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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