महराजगंज। जिले में संचालित कोचिंग सेंटरों की जल्द जांच होगी। डीआईओएस कार्यालय डाटा तैयार करवा रहा है। कोचिंग सेंटरों के पंजीयन, उपलब्ध सुविधाएं, तैनात ट्यूटर की शैक्षिक योग्यता व लिए जाने वाले शुल्क की पड़ताल की जाएगी। नियम की अवहेलना करने वाले कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई होगी।
जनपद में सिर्फ 24 कोचिंग सेंटर ही विभाग में पंजीकृत हैं, जिसमें से अधिकतर जिला मुख्यालय पर संचालित हैं। पंजीयन सिर्फ 24 का है, लेकिन लगभग 300 से अधिक कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। इनके पास निजी भवन तक नहीं है और यह किराए के भवन में नियम कानून को ताक पर रखकर चल रहे हैं। नियमानुसार इनके पास अग्निशमन विभाग की एनओसी होनी चाहिए, लेकिन जब पंजीयन ही नहीं है तो एनओसी की फिक्र किसे।
यह संस्थान विषय वार कोचिंग देने के लिए 500 से 700 रुपये वसूलते हैं। शिक्षक योग्यता धारक हैं अथवा नहीं इसकी परवाह भी नहीं की जाती। विभाग अब इन संस्थानों पर नकेल कसने की तैयारी कर चुका है। कहां किस नाम से कोचिंग सेंटर चल रहे हैं इसका डाटा विभाग इन दिनों तैयार करने में जुटा है। इस डिटेल के सहारे विभाग हर पहलु की जांच करेगा।
विभाग में पंजीकरण सिर्फ 24 का है। विभाग डिटेल एकत्र करवा रहा है। सभी सेंटरों की जांच होगी। नियमानुसार जिनका संचालन नहीं है उसे तत्काल बंद कराते हुए संचालक पर कार्रवाई की जाएगी।
-प्रदीप कुमार शर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक