महराजगंज। जीएसटी स्लैब घटने से मुख्यमंत्री युवा उद्यमी के तहत स्टार्टअप शुरू करने में भी मददगार सिद्ध हो सकता है। जीएसटी स्लैब घटने की वजह से बिक्री की संभावना मेडिकल, कृषि मैन्युफैक्चरिंग सहित अन्य सेक्टरों में स्टार्टअप खड़े करने में मददगार होगी। उपायुक्त उद्योग का मानना है कि स्लैब कम होने से अब कुछ सेक्टरों में संभावना बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की बात करें तो जिला सूबे में वित्तीय सत्र 2024-25 में न सिर्फ आगे रहा बल्कि मौजूदा सत्र में भी अब तक आगे है। योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को 5 लाख का ऋण 5 वर्ष तक के लिए व्याज मुक्त दिया जाता है। एक समस्या युवाओं को होती थी कि स्टार्टअप के लिए किस सेक्टर का चयन करें। युवा ऐसे फील्ड को उद्यमिता के लिए चयन करने पर फोकस करते जो त्वरित आय का जरिया बने। अब जीएसटी स्लैब की कटौती ने कृषि यंत्र मैन्युफैक्चरिंग, खाद्य प्रसंस्करण, कीटनाशक के अलावा मेडिकल सेक्टर के उत्पाद जीएसटी दर घटने से तेजी से ग्रोथ करेंगे। इसलिए ऐसे सेक्टर रोजगार सृजन के लिए मुफीद साबित होंगे क्योंकि बिक्री बढ़ेगी तो निर्माण इकाई को उत्पाद की डिमांड को लेकर फिक्र नहीं करनी पड़ेगी।
बीते सत्र में 400 से अधिक को योजना से ऋण
जिला उद्योग विभाग के आंकड़ों की मानें तो बीते वित्तीय सत्र में 237 महिला, 46 अनुसूचित व 145 पिछड़े वर्ग के युवाओं को ऋण मिला है। मौजूदा सत्र में अब तक 170 महिला, 32 अनुसूचित और 102 पिछड़े वर्ग को ऋण दिया गया है।