महराजगंज। विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मियों ने बृहस्पतिवार को अधीक्षण कार्यालय पर एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन किया। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के सह संयोजक डीपी त्रिपाठी ने बताया कि बिजली के निजीकरण के खिलाफ प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इसके तहत विद्युत कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय, समेत चारों डिवीजन कार्यालय व्यापक प्रदर्शन किया गया।
उन्होंने कहा कि संगठन के बैनर तले राजधानी लखनऊ में हजारों बिजली कर्मियों ने शक्ति भवन का घेराव कर निजीकरण के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया है कि जब तक निजीकरण का निर्णय वापस नहीं लिया जाता, उनका संघर्ष जारी रहेगा। संघर्ष समिति ने घोषणा की है कि 24 और 25 जनवरी को सभी बिजली कर्मचारी काली पट्टी बांधकर काम करेंगे।
इन दिनों भोजनावकाश और कार्यालय समय के बाद विरोध सभाएं की जाएंगी। 25 जनवरी को संघर्ष के नए चरणों की घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा कि महराजगंज के साथ वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, मेरठ, झांसी, कानपुर, आगरा, मथुरा सहित अन्य जिलों में भी कर्मचारियों ने विरोध सभाएं की गई। उन्होंने कहा कि विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर कर्मचारी आंदोलित है।
इस दौरान हुए धरना में विद्युत कर्मियों ने कहा कि निजीकरण कर्मचारियों व उपभोक्ताओं के हित में नहीं है। मनमाने ढंग से कर्मियों के छंटनी की साजिश की जा रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कर्मियों ने निजीकरण के प्रस्ताव का वापस लिए जाने की मांग किया और कहा कि यदि मांगे नहीं मानी गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।