महराजगंज। जिले में फैमिली आईडी बनाने की प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है। इसके चलते लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। 76,126 फैमिली आईडी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन अभी तक 10769 परिवारों की आईडी ही बनाई गई है।
जानकारी के अनुसार, फैमिली आईडी बनाने के लिए कुल 12957 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसमें 10769 आवेदन स्वीकृत हैं। जबकि 1369 आवेदन अस्वीकृत हो गए हैं। वहीं 819 आवेदन लंबित हैं। फैमिली आईडी का उद्देश्य है कि प्रत्येक परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके। बृजमनगंज में 688 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि 429 बन चुके हैं। इसमें 42 आवेदन लंबित हैं।
धानी में 792 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि 737 बन चुके हैं। इसमें 19 आवेदन लंबित हैं। घुघली में 1095 आवेदन मिले हैं, जबकि 766 बन चुके हैं। इसमें 96 आवेदन लंबित हैं। लक्ष्मीपुर में 910 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि 813 बन चुके हैं। इसमें 44 आवेदन लंबित हैं। सदर में 739 आवेदन मिले हैं, जबकि 588 बन चुके हैं। इसमें 66 लंबित है। मिठौरा में 1046 आवेदन मिले हैं, जबकि 713 बन चुके हैं। इसमें 216 आवेदन लंबित हैं। नौतनवा में 1758 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि इसके सापेक्ष 1674 बन चुके हैं। इसमें 27 आवेदन लंबित हैं।
निचलौल में 1401 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि 1268 बन चुके हैं। इसमें 121 आवेदन लंबित हैं। पनियरा में 1044 आवेदन मिले हैं, जबकि इसके सापेक्ष 976 बन चुके हैं। इसमें 20 आवेदन लंबित हैं। परतावल में 1014 आवेदन मिले हैं, जबकि इसके सापेक्ष 866 बन चुके हैं। इसमें 86 लंबित हैं। फरेंदा में 1007 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि इसके सापेक्ष 981 बन चुके हैं। वहीं सिसवा में 841 आवेदन मिले हैं। इसके सापेक्ष 590 बन चुके हैं। इसमें 32 आवेदन लंबित हैं।
इसके अलावा सदर तहसील क्षेत्र में कुल 131 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि इसके सापेक्ष 19 बन चुके है। इसमें 20 आवेदन लंबित हैं। इसी तरह निचलौल तहसील क्षेत्र में 181 आवेदन मिले हैं, जबकि 125 बन चुके हैं। इसमें 12 आवेदन लंबित हैं। वहीं फरेंदा तहसील क्षेत्र में 69 आवेदन मिले हैं, जबकि इसके सापेक्ष 164 बन चुके हैं। इसमें तीन आवेदन लंबित हैं। इसके अलावा सदर तहसील क्षेत्र में 241 आवेदन मिले हैं, जबकि 164 बन चुके हैं। इसमें 15 आवेदन लंबित हैं।
10769 फैमिली आईडी बनी है। संबंधित अधिकारियों को फैमिली आईडी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
-शीश कुमार, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी