-आवासीय एक रुपये व कामर्शियल दो रुपये स्क्वायर फीट की दर से लिया जाता हाउस टैक्स
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। शहरवासी हाउस टैक्स निर्धारण में झोल से परेशान हैं। जैसे-तैसे कर्मियों ने सर्वे की रिपोर्ट लगा दी, अब शहरवासी हैरान हैं कि आच्छादित क्षेत्र से ज्यादा का टैक्स क्यों जोड़ दिया गया। शिकायत के बाद भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ज्यादातर लोग इस पेंच में उलझकर टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, नगर पालिका महराजगंज में हाउस टैक्स जमा करने को लेकर लोग परेशान हैं। सर्वे के दौरान घर के आच्छादित एरिया को ज्यादा दिखा दिया गया है। शहर की करीब 60,000 की आबादी है। गुजरे वक्त में हुए सर्वे के आधार पर ही हाउस टैक्स का निर्धारण हुआ है। इसमें विस्तारित क्षेत्र अभी शामिल नहीं हैं। नगर पालिका प्रशासन के अनुसार, एक रुपये आवासीय और दो रुपये स्क्वायर फीट की दर से कामर्शियल हाउस टैक्स लिया जाता है।
2023 और 2024 में अब तक 31 लाख 12 हजार 574 रुपये की वसूली हो चुकी है। एक करोड़ 97 लाख 63 हजार 951 रुपये बकाया है। पुराने 25 वार्ड हैं। उन्हीं घरों का हाउस टैक्स लग रहा है। अभी विस्तारित सीमा का सर्वे नहीं हुआ है। नगर पालिका परिषद महराजगंज के 25 वार्डों में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों समेत कुल नौ हजार 200 मकानों को गृहकर के लिए चिह्नित किया गया है।
शहर में भ्रमण करने पर लोगों की समस्या के बारे में जानकारी हुई। शिव नगर मोहल्ले की रहने सविता कहती हैं कि हाउस टैक्स निर्धारण में गड़बड़ी की शिकायत नगर पालिका प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन अब तक समस्या दूर नहीं हुई। उन्होंने बताया कि मकान 1546 स्क्वायर फीट में बना है, लेकिन हाउस टैक्स 3488 का आया था। काफी जद्दोजहद के बाद सुधार हुआ। सक्सेना नगर के जितेंद्र मिले तो उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि पहले तो सुविधाओं का विस्तार होना चाहिए। ज्यादातर क्षेत्र में सड़क, बिजली पानी की स्थिति ठीक नहीं है।
हाउस टैक्स को लेकर निर्धारण में लापरवाही की जा रही है। उन्होंने बताया कि मकान 1500 स्क्वायर फीट में बना है, जबकि हाउस टैक्स का निर्धारण 1744 स्क्वायर फीट पर बनाया गया है। शिकायत के बाद भी समस्या दूर नहीं हुई। इसी तरह से सक्सेना नगर की निरूपमा भी परेशान हैं। उन्होंने बताया कि पता नहीं कैसे सर्वे हुआ की आवासीय को कामर्शियल बना दिया गया है। अब कामर्शियल हाउस टैक्स जमा करना पड़ेगा। सुधार कराने के लिए शिकायत की गई, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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कर्मियों ने सर्वे करने में पारदर्शिता नहीं बरती। इस वजह से आच्छादित क्षेत्र से ज्यादा दर्शा कर हाउस टैक्स का निर्धारण कर दिया गया है। यह समझ में नहीं आ रहा की कैसे यह सब कुछ हो गया। नगर पालिका प्रशासन को समस्या से अवगत कराया गया है, अभी तक मामले को सुलझाया नहीं गया है।
-आत्माराम गुप्त, गांधी नगर
काम में बटवारा होने के बाद भी दोनों भाइयों को हाउस टैक्स एक ही आच्छादित क्षेत्र को दर्शाकर लगा दिया गया है। नियमानुसार अलग-अलग होना चाहिए। ऐसा होने पर टैक्स कम हो जाएगा। ठीक ढंग से सर्वे के लिए अनुरोध किया गया है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
-कूंज बिहारी, शास्त्री नगर
हाउस टैक्स से संबंधित शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। सर्वे के दौरान विशेष सतर्कता बरती गई थी। नियम के अनुसार टैक्स का निर्धारण हुआ है। बकाया जमा कराने के लिए कर्मियों को निर्देशित किया गया है।
-आलोक कुमार मिश्रा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, महराजगंज