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Maharajganj News: प्रयागराज में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के बाद जनपद में जांच तेज, 64 स्थायी दुकानों पर निगरानी

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11 दुकानों पर पटाखा निर्माण के साथ बिक्री की अनुमति, 53 केवल बिक्री के लिए
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निचलौल, फरेंदा और धानी में टीमों ने लाइसेंसी दुकानों व गोदामों की जांच की
महराजगंज। प्रयागराज-कौशांबी सीमा पर महमूदपुर मनोरी गांव में सोमवार को अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में आठ बच्चों समेत 11 लोगों की मौत के बाद जिले में भी पटाखा दुकानों और गोदामों की जांच तेज कर दी गई है। प्रशासन और पुलिस की टीमें जिलेभर में लाइसेंसी पटाखा दुकानों, गोदामों और निर्माण स्थलों की स्थिति खंगाल रही हैं।
जिले में वर्तमान में कुल 64 स्थायी पटाखा दुकानें हैं। इनमें 11 दुकानों पर पटाखा बनाने के साथ बिक्री करने की अनुमति है जबकि 53 दुकानों में केवल पटाखों की बिक्री होती है। प्रयागराज की घटना के बाद इन सभी दुकानों और संबंधित गोदामों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों की ओर से लाइसेंस, पटाखा रखने की निर्धारित क्षमता, दुकान और गोदाम का स्थान, अग्निशमन उपकरण तथा अन्य सुरक्षा मानकों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस और प्रशासन का कहना है कि लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन अथवा बिना अनुमति पटाखा निर्माण और भंडारण पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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निचलौल में दो दुकानों की जांच की गई
निचलौल क्षेत्र में सीओ रविंद्र कुमार सिंह ने टीम के साथ लाइसेंसी आतिशबाजी की दुकानों और उनके गोदामों का निरीक्षण किया। इस दौरान दो लाइसेंसी दुकानों की जांच की गई। अधिकारियों ने लाइसेंस और अग्निशमन विभाग से संबंधित दस्तावेजों के साथ सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और दुकान-गोदाम की स्थिति देखी।
मंजूर आलम और हुसैन के नाम से संचालित लाइसेंसी दुकान आबादी से करीब दो किलोमीटर दूर सिवान क्षेत्र में स्थित मिली। मौके पर पटाखा तैयार करने का काम नहीं हो रहा था। दुकान और गोदाम के आसपास पानी भरा हुआ था और कोई मजदूर भी मौजूद नहीं मिला। संचालकों के अनुसार दुकान का संचालन मुख्य रूप से त्योहार और अन्य शुभ अवसरों के दौरान किया जाता है। जांच के समय गोदाम में पटाखा बनाने के लिए कच्चा माल भी नहीं मिला।
अधिकारियों को मौके पर अग्निशमन विभाग से संबंधित वैध दस्तावेज और अग्निशमन सिलेंडर मिले। सीओ ने संचालकों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने तथा किसी भी स्थिति में निर्धारित सीमा से अधिक ज्वलनशील सामग्री नहीं रखने के निर्देश दिए।
फरेंदा में दोनों लाइसेंसी दुकानें मिलीं बंद
फरेंदा क्षेत्र में भी पुलिस टीम ने लाइसेंसी पटाखा दुकानों और गोदामों का निरीक्षण किया। क्षेत्र में सोनबरसा और जोगियाबारी में दो लाइसेंसी दुकानें हैं, जहां पटाखा बनाने और बिक्री की अनुमति है। हालांकि जांच के दौरान दोनों स्थानों पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ था। जोगियाबारी स्थित पटाखा गोदाम बंद मिला। बाहर सुरक्षा उपकरण रखे हुए थे। संचालक के परिजन ने बताया कि वह दवा लेने के लिए बाहर गए हैं। वहीं सोनबरसा निवासी हैदर अली का पटाखा गोदाम भी बंद मिला। फोन पर उन्होंने बताया कि पारिवारिक कारणों से अभी पटाखा बनाने का काम शुरू नहीं किया गया है। कुछ दिनों बाद काम शुरू करने की बात कही गई।
धानी में डेढ़ दशक पहले हो चुका है बड़ा हादसा
बृजमनगंज थाना क्षेत्र के धानी बाजार में वर्तमान में रामवृक्ष के नाम से एक लाइसेंसी पटाखा दुकान संचालित है। यह दुकान धानी-बृजमनगंज मार्ग पर पकड़िहवा के पास आबादी से बाहर स्थित है। जांच के दौरान दुकान बंद मिली। इसके कारण मौके पर सुरक्षा मानकों के अनुपालन का प्रत्यक्ष सत्यापन नहीं हो सका। अधिकारियों के अनुसार धानी क्षेत्र में इसके अलावा कोई अन्य लाइसेंसी पटाखा दुकान या गोदाम नहीं है।
धानी में पटाखा कारोबार का इतिहास भी हादसे से जुड़ा रहा है। 23 अक्टूबर 2010 को धानी बाजार टैक्सी स्टैंड के पास पटाखा बनाने वाले गोदाम में विस्फोट हुआ था। हादसे में पांच लोगों की मौत हुई थी और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। स्थानीय लोगों के अनुसार विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि मृतकों के अंग घटनास्थल से काफी दूर तक जा गिरे थे। बताया गया था कि उस समय गोदाम में एक दर्जन से अधिक मजदूर पटाखे का मसाला तैयार करने में जुटे थे। हादसे के बाद गोदाम सील कर दिया गया और धानी बाजार में पटाखा निर्माण का काम बंद हो गया।
रिहायशी मकान में मिल चुके हैं लाखों के अवैध पटाखे
जिले में अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। 28 अक्टूबर 2023 को श्यामदेउरवा थाना प्रभारी ने परतावल-कप्तानगंज मार्ग स्थित एक रिहायशी मकान में छापा मारकर लाखों रुपये के अवैध पटाखे बरामद किए थे। पुलिस टीम ने मकान की तलाशी ली तो बड़ी मात्रा में पटाखे मिले थे। इस कार्रवाई के बाद रिहायशी मकानों में पटाखों के भंडारण को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे थे। बृजमनगंज, धानी, पनियरा और निचलौल क्षेत्र में पटाखा विस्फोट की घटनाओं में पहले भी कई लोगों की जान जा चुकी है। निचलौल के मारवाड़ी मोहल्ले में हुए विस्फोट में मकान तक ध्वस्त हो गया था। इसके बावजूद अवैध भंडारण और निर्माण की आशंका को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सका है।
त्योहार से पहले नियमित जांच की जरूरत
लाइसेंसी पटाखा निर्माताओं को भी निर्धारित नियमों के तहत ही बारूद और अन्य ज्वलनशील सामग्री रखने की अनुमति होती है। वहीं बिक्री के लिए भी निर्धारित सीमा से अधिक पटाखों का भंडारण नहीं किया जा सकता। रिहायशी इलाकों में अवैध तरीके से पटाखों का निर्माण या भंडारण होने पर हादसे की स्थिति में आसपास के लोगों की जान को भी खतरा रहता है। ऐसे में त्योहार के दौरान केवल कार्रवाई के बजाय नियमित निगरानी और समय-समय पर जांच की जरूरत है।
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वर्जन
प्रयागराज की घटना को देखते हुए जिलेभर में पटाखा दुकानों और गोदामों की जांच कराई जा रही है। लाइसेंस, स्थान, अग्निशमन उपकरण और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है। कहीं भी बिना अनुमति पटाखा निर्माण या बिक्री होती मिली तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- शक्ति मोहन अवस्थी, एसपी
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