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Maharajganj News: निजी अस्पतालों को अब लगानी होगी डॉक्टरों की फोटो

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बोर्ड पर लिखना होगा फोन नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर और योग्यता का विवरण
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शुल्क सूची, ओपीडी समय, आपातकालीन सेवाओं का विवरण और ड्यूटी चार्ट भी बोर्ड पर लिखना होगा
फर्जी डॉक्टरों पर अंकुश लगाने की तैयारी
महराजगंज। निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम्स में पारदर्शिता और मरीजों की सुविधा के लिए नई व्यवस्था लागू करने का निर्देश जारी हुआ है। दो महीने के अंदर सभी निजी अस्पतालों को अपने यहां कार्यरत डॉक्टरों की फोटो, नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर और योग्यता का विवरण प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। अस्पताल के मुख्य गेट और रजिस्ट्रेशन काउंटर पर संपर्क के लिए फोन नंबर और हेल्पलाइन नंबर भी स्पष्ट रूप से लिखना होगा।
जानकारी के अनुसार, जिले में कुल 110 निजी अस्पताल और नर्सिंग होम पंजीकृत हैं। सभी निजी अस्पतालों को निर्धारित समयावधि के भीतर यह व्यवस्था लागू करनी होगी। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यह कदम मरीजों को बेहतर जानकारी देने और चिकित्सा संस्थानों की जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से उठाया गया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अक्सर देखा गया है कि कई निजी अस्पतालों में मरीजों को यह तक नहीं पता होता कि उनका इलाज किस डॉक्टर द्वारा किया जा रहा है। कई बार यह भी शिकायत मिलती है कि कुछ अस्पतालों में बिना रजिस्ट्रेशन वाले डॉक्टर इलाज करते हैं या किसी अन्य के नाम का उपयोग किया जाता है। इन स्थितियों से बचने और फर्जी डॉक्टरों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने यह सख्त नियम लागू किया है।
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सीएमओ कार्यालय से सभी निजी अस्पतालों, क्लीनिकों, पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सेंटरों को निर्देश जारी किया गया है। निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि दो महीने के अंदर सभी संस्थान यह व्यवस्था लागू करें। जो भी संस्था इसका पालन नहीं करेगी उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल का पंजीकरण रद्द करने तक की कार्रवाई भी की जा सकती है। नई व्यवस्था के तहत अस्पतालों को डॉक्टरों की जानकारी के साथ-साथ शुल्क सूची, ओपीडी समय, आपातकालीन सेवाओं का विवरण और ड्यूटी चार्ट भी बोर्ड पर लिखना होगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से मरीजों का भरोसा बढ़ेगा। अब किसी भी मरीज को यह जानने में कठिनाई नहीं होगी कि उसका इलाज कौन कर रहा है, डॉक्टर की योग्यता क्या है और वह कहां से पंजीकृत है।
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वर्जन.........
जिले में पंजीकृत यदि किसी अस्पताल में डॉक्टरों की फोटो, रजिस्ट्रेशन नंबर या संपर्क विवरण प्रदर्शित नहीं हैं तो इसकी सूचना सीएमओ कार्यालय को अवगत कराएं। शिकायत मिलने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. वीरेंद्र कुमार आर्या, एसीएमओ
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