अस्पताल के सभी कर्मचारी फरार, सुरक्षा को लेकर पुलिस कर्मी तैनात
22 मई को प्रसूता को किया गया था भर्ती, 23 मई को ऑपरेशन के बाद बिगड़ी तबीयत
लखनऊ में इलाज के दौरान शुक्रवार की रात हुई प्रसूता की मौत, परिजनों ने दोपहर में किया हंगामा
सोनौली। सरकारी अस्पतालों में महिला रोग विशेषज्ञों की कमी के कारण झोला धंधेबाजों की चांदी है जबकि आम लोग इसका शिकार हो रहे हैं। शनिवार को एक प्रसूता अव्यवस्था का शिकार हो गई। कस्बा स्थिति एक निजी अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही और झोलाछाप डॉक्टर द्वारा ऑपरेशन कराने का आरोप लगाकर एक प्रसूता के परिजनों ने शनिवार को जमकर हंगामा किया। आरोप है कि गलत तरीके से ऑपरेशन करने के कारण महिला की तबीयत खराब हुई थी। शुक्रवार की रात लखनऊ के निजी अस्पताल में महिला की मौत हो गई। परिजनों के हंगामे को देख मौके से सभी अस्पताल कर्मी भाग निकेल। अस्पताल पर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं।
गौरतलब है कि नौतनवा सीएचसी में महिला रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। इस वजह से स्थानीय लोग इलाज के लिए निजी अस्पताल या जिला अस्पताल पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में धंधेबाज बेहतर इलाज का दावा करके लोगों की जेब खाली करते हैं।
जानकारी के अनुसार, निजी अस्पताल में फरीदा खातून प्रसव की निर्धारित तिथि नजदीक होने पर 22 मई को जांच के लिए आई थीं। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टरों ने भर्ती कर उपचार शुरू किया और 23 मई को उसका ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन के कुछ ही समय बाद महिला की हालत बिगड़ने लगी। परिजनों का कहना है कि जब उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से कारण पूछा तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
आरोप है कि मरीज की स्थिति गंभीर होने के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने समय रहते परिजनों को सही जानकारी नहीं दी। हालत जब नियंत्रण से बाहर होने लगे तो अस्पताल संचालक और चिकित्सकों के हाथ-पांव फूल गए। हंगामे के डर से प्रसूता को पहले केएमसी अस्पताल महाराजगंज ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने ऑपरेशन में लापरवाही की आशंका जताई। वहां भी स्थिति नहीं संभली तो आनन-फानन में उसे लखनऊ के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया। वहीं इलाज के दौरान शुक्रवार की रात महिला की मौत हो गई।
इसके बाद दोपहर करीब दो बजे आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही और झोलाछाप चिकित्सक से ऑपरेशन कराने का आरोप लगाया है। मामले की सूचना मिलते ही सोनौली पुलिस मौके पर जाकर स्थिति को नियंत्रित किया।
फरीदा खातून के पति अब्दुल करीम ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल संचालक ने कोल्हुई क्षेत्र के एक कथित झोलाछाप चिकित्सक को बुलाकर उनकी पत्नी का ऑपरेशन कराया है। आरोप है कि यदि समय रहते सही चिकित्सकीय सलाह और उपचार मिलता तो उनकी पत्नी की जान बच सकती थी। अब्दुल करीम ने सोनौली पुलिस को लिखित तहरीर देकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
कोतवाल सोनौली महेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि तहरीर मिली है। घटना की जांच की जा रही है।